तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार किए गए 102 करोड़ के प्रारंभिक आगणन को जिलाधिकारी ने शासन को भेज दिया है। शासन आगणन की समीक्षा करके शीघ्र ही धन अवमुक्त करेगा। आगणन दो चरणों के अनुसार बनाया गया है। पहले चरण का आगणन करीब 70 करोड़ का है जबकि दूसरे चरण का करीब 32 करोड़ का है।
लखनऊ के आर्किटेक्ट अब्दुल रऊफ ने अपनी टीम के साथ आगणन तैयार किया है। उन्होंने तीर्थ नगरी में मंदिरों, हरि की पैड़ी के घाटों, परिक्रमा मार्ग सहित अन्य स्थानों का सर्वेक्षण किया। यह कार्य निरंतर जारी है। आर्किटेक्ट की टीम ने प्रारंभिक आगणन तैयार करके जिलाधिकारी आरपी सिंह को सौंप दिया है। जिसे जिलाधिकारी ने समीक्षा के बाद शासन को भेज दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि तीर्थनगरी सोरों का विकास दो चरण में होगा। इसके हिसाब से प्रारंभिक आगणन तैयार किया गया है। इस आगणन में हरि की पैड़ी के विकास, वराह मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, बटुकनाथ मंदिर, तुलसी पाठशाला, चैतन्य महाप्रभु की बैठक, नगर के चौराहे, पार्क, ऑडिटोरियम के निर्माण सहित अन्य प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुल 102 करोड़ का प्रारंभिक आगणन भेजा गया है। पहले चरण का आगणन करीब 70 करोड़ का है। जबकि दूसरे चरण का आगणन करीब 32 करोड़ का है। सोरों के लोगों ने आगणन तैयार होने से खुशी है। जिलाधिकारी ने बताया कि अभी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो जाने के बाद ही तैयार होगा।
वहीं आर्किटेक्ट की टीम ने सर्वेक्षण करते हुए नापतौल की। इस दौरान महंत नरेश त्रिगुनायत, डा. राधाकृष्ण दीक्षित, राकेश पांडे, कमाल हसन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
- तीर्थनगरी सोरों में सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए टीम पूरा सर्वेक्षण तैयार कर रही है। यह कार्य अभी जारी रहेगा। डीपीआर की तैयारी सर्वेक्षण पूरा होन के बाद की जाएगी- अब्दुल रऊफ, आर्किटेक्ट