कासगंज। गंगा का जलस्तर गिरने के साथ ही कटान तेज हो रहा है। कादरगंज इलाके में कटान देखकर ग्रामीण चिंतित हैं। सिंचाई विभाग के कटानरोधी कार्य संचालित होने के बावजूद कटान की गति कम नहीं हो रही। कभी भी तेज कटान होने पर और दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
सोमवार को गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को गंगा में हरिद्वार बैराज से 31337 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। वहीं, बिजनौर बैराज से यह डिस्चार्ज रविवार के मुकाबले बढ़कर 51945 क्यूसेक हो गया। नरौरा बैराज से 31083 क्यूसेक का डिस्चार्ज था। रविवार को कछला पर गंगा का जलस्तर 162.50 पर था जो घटकर सोमवार को 162.40 के निशान पर आ गया।
गंगा का जलस्तर अधिक रहने के कारण कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं को एकादशी के स्नान पर्व पर परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान करते देखे गए। वहीं, जलस्तर में कमी आने के साथ ही कादरगंज इलाके में जलस्तर में गिरावट आने के साथ ही कटान तेज हो गया। सिंचाई विभाग ने जहां व्यवस्था बनाई है उन इलाकों में भी कटान हो रहा है। गंगा के कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि लगातार कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं। गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी आई है। कटान रोकने की कोशिशें जारी हैं। निरंतर निगरानी की जा रही है।
कटान से कट सकता है बांध
कासगंज। गंगा में हो रहे कटान से असदगढ़ बांध को क्षति होने की आशंका बनी हुई है। यदि यह बांध गंगा की धार की चपेट में आया तो कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। बांध के समीपवर्ती बसे गांव कादरगंज, मेहोला, इंद्रा जसनपुर, नीविया, पीतमनगर हरौड़ा, नरदौली, असदगढ़ किला, विजय नगर, सिकंदपुर वैश्य क्षेत्र के ग्रामीण चिंतित हैं।