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फरिहा का बाजार दूसरे दिन भी बंद, थाने के बाहर अनशन

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फरिहा। कस्बा के एक जैन परिवार की किशोरी की तीन दिन से बरामदगी नहीं होने के विरोध में पीड़ित परिवार मंगलवार को अनशन पर बैठ गया। व्यापारी और भाजपा नेताओं ने कसबा का बाजार बंद कराने के साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अनशन को खत्म करने का दबाव बनाने पहुंचे भाजपा विधायक के भाई को बैरंग लौटना पड़ा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किशोरी को बरामद नहीं किया तो जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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फरिहा निवासी किशोरी को तीन दिन पूर्व समुदाय विशेष का युवक उस समय ले गया था। जब मंदिर से वापस लौट रही थी। पीड़ित परिजनों ने युवक के खिलाफ थाने में अभियोग दर्ज कराया था। सोमवार को व्यापारियों और भाजपा नेताओं ने बाजार बंद कराने के साथ थाने का घेराव किया था। सीओ जसराना के आश्वासन पर व्यापारी मान गए थे। मंगलवार को सुबह से बाजार में भाजपा एवं व्यापारी नेता सक्रिय हो गए।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महेशचंद्र जैन, कपड़ा व्यापारी बिल्लू जैन, विकास जैन, कुलभूषण, प्रवीन जैन, डॉ. प्रभंजन जैन, अबधेश झा, सतेंद्र भारद्वाज, सुनील चौहान, आरडी सिंह चौहान, सुरेंद्र सावन झां मंडलाध्यक्ष भाजपा एवं जैन नवयुवक संगठन के अरविंद प्रताप सिंह, आदेश जैन किराना व्यापारी, स्वर्णकार संगठन अध्यक्ष अंगद सिंह स्वर्णकार, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, चारू सिंह आदि ने जुलूस निकालने के साथ बाजार को बंद कराया। इसके बाद थाने के गेट पर अनशन पर बैठ गए। पुलिस ने गेट से हटाया तो थाने के गेट के सामने अनशन शुरू कर दिया।
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अनशन स्थल पर भाजपा और सपा नेता पहुंचे। फरिहा पहुंचे भाजपा के लोकसभा पालक और बृजक्षेत्र मंत्री अश्वनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार के साथ है। सपा के जिला उपाध्यक्ष विमल यादव गुड्डू ने कहा कि हम पीड़ित किशोरी के परिवार के साथ हैं। भाजपा शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है।

जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी के भाई मोहनदत्त उर्फ गुड्डू लोधी अनशन स्थल पर पहुंचे थे। अनशनकारियों का आरोप है कि थाना पुलिस की तारीफ के साथ अनशन को समाप्त करने की बात रखी। इसका कुछ लोगों ने विरोध किया। गुड्डूू लोधी ने कहा मेरा किसी ने कोई विरोध नहीं किया। मैंने यह कहा था कि पार्टी की सरकार होने के बाद अनशन करना गलत है। पुलिस के माध्यम से किशोरी को बरामदगी का प्रयास करें।
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