सिढ़पुरा की केनरा बैंक शाखा में गोल्ड लोन खातों में नकली सोना निकलने के मामले में बैंक ने अभी तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाया है। बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर पीड़ितों में आक्रोश के साथ ही आशंकाएं हैं। पीड़ितों की शिकायत पर जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बुधवार को जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है जो पूरे मामले की जांच करेगी।
जिलाधिकारी नेटीम का अध्यक्ष सहावर के एसडीएम को बनाया है, जबकि जिले के लीड बैंक मैनेजर एवं ट्रेजरी ऑफिसर इस टीम के सदस्य रहेंगे। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। बुधवार को बैंक के पीड़ित खाताधारकों ने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि केनरा बैंक के गोल्ड लोन खातों में करोड़ों का घोटाला है। बताया गया कि 165 लोगों के खातों पर गोल्ड लोन लिया गया। गरीब किसानों से केसीसी लोन पर भी ऋण लिया गया। शिकायत कर्ताओं ने सवाल उठाया कि जो सोना बैंक में गिरवी के रूप में रखा गया वह नकली कैसे हुआ। पिछले वर्ष के ऑडिट में भी रखे सोने को नकली नहीं बताया गया और अब गोल्ड लोन खातों का सोना नकली निकल रहा है। शिकायत कर्ताओं ने घोटाले के आरोपी राहुल देव के अलावा उनके साथ डा. जयप्रकाश वर्मा निवासी मोहल्ला पंतनगर एवं पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार सिंह पर भी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
शिकायत कर्ताओं ने कहा कि बिना बैंक मैनेजर की मिलीभगत के ऋण खातों में नकली सोना नहीं रखा जा सकता। डीएम ने पीड़ितों की शिकायत गंभीरता से सुनी और तीन सदस्यीय टीम से जांच कराने के निर्देश जारी किए।
ये पीड़ित पहुंचे शिकायत करने
कासगंज। गोल्ड लोन घोटाले के पीड़ित लोगों में चंदन गुप्ता के साथ कई पीड़ित शिकायत करने पहुंचे। संदीप कुमार, सुनील कुमार, राजवीर सिंह, रनवीर सिंह, अनुज कुमार, संतोष कुमार प्रदीप कुमार, हरतेश कुमार सहित बड़ी संख्या में गोल्ड लोन पीड़ित मौजूद रहे।