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जवाहरबाग प्रकरण में अब तक 30 गवाह मुकरे

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ये है जवाहर बाग। - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। दो जून 2016 से पहले जवाहर बाग में जमे कब्जाधारियों के खिलाफ भले ही लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था, लेकिन वारदात के बाद कोर्ट में गवाही देने में वही लोग दो कदम पीछे हट रहे हैं। कोर्ट में जवाहरबाग के आरोपियों के खिलाफ अब तक 30 से अधिक गवाह उन्हें पहचानने से मुकर चुके हैं। इससे अभियुक्तों के खिलाफ केस कमजोर होते जा रहे हैं।
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जिस समय कथित सत्याग्रहियों ने जवाहर बाग को अपने कब्जे में ले रखा था उस समय उनके खिलाफ जनता का आक्रोश चरम पर था। इस दौरान 15 मई 2016 को जवाहर बाग के आरोपियों ने न केवल उद्यान विभागकर्मियों को आलू खोदने से रोक दिया था बल्कि उनके साथ जमकर मारपीट भी की थी।

इसी प्रकार चार अप्रैल 2016 को तहसील में घुसकर अभियुक्तों द्वारा मारपीट भी की गई थी। इस तरह के विभिन्न मामलों जवाहर बाग के अभियुक्तों के खिलाफ कुल 21 मुकदमे दर्ज हुए। इनमेें करीब 200 लोग गवाह बनाए गए। लेकिन अब यह गवाह मुकर रहे हैं। इनके द्वारा कोर्ट में जवाहर बाग के आरोपियों को पहचानने से इंकार किया जा रहा है।
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तहसील प्रकरण मेें अब तक 19 गवाहों ने अधिकतर को पहचाने से इंकार कर दिया। अधिकतर गवाह केवल चंदन बोस, रामवृक्ष यादव को ही पहचान पाए। करीब 52 अभियुक्तों को पहचाने से इंकार कर दिया है। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि अधिकतर गवाहों ने अभियुक्तों को पहचानने से इंकार कर दिया है।
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