मथुरा। कोसीकलां में 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए बालक लक्ष्मण का स्कूल से अपहरण किया था। यह फिरौती दिल्ली में ली जानी थी। अपहरण की साजिश बालक के पिता के पड़ोसी दुकानदार ने रची थी। कोसीकलां पुलिस के हत्थे चढ़े साजिशकर्ता और दो अपहरणकर्ताओं ने इसका पुलिस के सामने खुलासा किया है।
20 अप्रैल को स्कूल की छुट्टी के बाद घर जाते वक्त रास्ते में बालक लक्ष्मण (7) पुत्र लालाराम निवासी कृष्णानगर कालोनी कोसीकलां का अपहरण होने से सनसनी फैल गई थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी और पुलिस की तत्परता से अगवा बालक को 24 घंटे में बरसाना के गांव महराना के जंगल में बनी कोठरी से सकुशल बरामद कर लिया गया था।
एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने अपहरणकर्ता कोसीकलां के बठैंन गेट निवासी कृष्णकांत, गिर्राज कालोनी निवासी इंद्रजीत उर्फ इंदर और बैंक कालोनी निवासी विनीत उर्फ वीनू (साजिशकर्ता) को पकड़ा है। वीनू लक्ष्मण के पिता का पड़ोसी दुकानदार है। इसने ही अपहरण की साजिश रची।
डी. फार्मा और बीएससी के छात्र बन गए अपहरणकर्ता
मथुरा। लक्ष्मण को अगवा करने वाले दो अपहरणकर्ता काफी पढ़े-लिखे हैं। इसमें एक डी-फार्मा को कोर्स कर रहा है तो दूसरे ने दो साल पहले बीएससी की है। बकौल अपहरणकर्ता कृष्णकांत फिलहाल पलवल के एमवीएन विवि. में डी. फार्मा को कोर्स कर रहा है। वह कोर्स के बाद सीरप की फैक्ट्री खोलने के लिए लक्ष्मण के अपहरण में शामिल हुआ।
वहीं, इंद्रजीत उर्फ इंदर ने साल 2016 में शेरगढ़ के पैगांव बीडीएन महाविद्यालय से बीएससी की थी। फिलहाल वह बेरोजगार है। उन लोगों ने बच्चे को अगवा करने के बाद उसे गांव महराना में खिच्चू के खेत में बनी कोठरी में बंद कर दिया था। दिल्ली में फिरौती लेनी योजना थी। यह लोग तीन माह पहले से अपहरण की साजिश का ताना-बाना बुन रहे थे।