फिरोजाबाद। नगर निगम के पुराने ठेकेदारों का बकाया भुगतान कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। करोड़ों का बकाया भुगतान के लिए देर रात तक पुराने कार्यों की फाइलें खंगाली गईं।
पालिका बोर्ड में ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये का कार्य कराया था, लेकिन वित्तीय संकट के चलते आजतक निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं हो सका। नगर निगम पर वित्तीय वर्ष 2008-10 तक के कार्यों का 35 करोड़ से अधिक बकाया चल रहा है। करोड़ों का भुगतान फंसने से कई ठेकेदार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए तो कई शहर से पलायन कर गए। कई ठेकेदारों ने हाइकोर्ट की शरण ली। हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम ने भुगतान नहीं किया। करोड़ों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने परिवार सहित निगम गेट पर भूख हड़ताल की।
इस दौरान कई ठेकेदारों की तबियत खराब हो गई। डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव ने फाइलों की जांच के बाद एक सप्ताह में भुगतान कराने का आश्वासन दिया था, तब ठेकेदारों ने भूख हड़ताल खत्म की थी। पुराने कार्यों का भुगतान करने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। शनिवार की देर रात तक नगर निगम के अधिकारी पुराने कार्यों की फाइलें खंगालते रहे। नगर आयुक्त जितेंद्र ने अवर अभियंताओं से निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने के साथ लोगों के बयान भी दर्ज कराए।