एटा। अलीगंज रोड स्थित दीन बंधु दीनानाथ महाविद्यालय में पकड़े गए सामूहिक नकल के खेल में एक और खेल हो गया। मामले में 10 कक्ष निरीक्षक बीटीसी प्रशिक्षुओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि सामूहिक नकल कराने वाले माफिया को बख्श दिया गया। कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कालेज के प्राचार्य की तहरीर पर परीक्षा अधिनियम के तहत मामला लिखा गया है।
दरअसल, एसडीएम ब्रजेश कुमार सिंह और सीओ सिटी वरुण सिंह ने गुरुवार को अलीगंज रोड स्थित दीन बंधु दीनानाथ महाविद्यालय में सामूहिक नकल कराने के मामले में 10 कक्ष निरीक्षकों को गिरफ्तार किया था। मामले में देर रात तक कक्ष निरीक्षकों से पूछताछ चलती रही लेकिन एक भी कक्ष निरीक्षक ने नकल माफिया का नाम उजागर नहीं किया। वहीं प्रशासन को तहरीर देने के लिए भी कोई नहीं मिला। विवि के अधिकारियों समेत परीक्षार्थियों में से कोई भी तहरीर देने के लिए आगे नहीं आया। आलम यह रहा कि हारकर कालेज के प्राचार्य डा. सुधीर पालीवाल की तहरीर पर 10 कक्ष निरीक्षकों विपिन, अमरीश, विवेक, दुष्यंत सिंह, रवि कुमार, शशिकांत, अमित उपाध्याय, रजनीश कुमार, सतीश और पुष्पेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। मामले में कोतवाली देहात के दो दारोगाओं को ही जांच अधिकारी बनाया गया है। ऐेसे में जांच में बड़े खेल की तैयारी की जा रही है।
केंद्र व्यवस्थापक को भी बख्शा
सामूहिक नकल मामले में प्रशासन ने कार्रवाई के बाद कालेज के प्राचार्य और केंद्र व्यवस्थापक समेत तमाम जिम्मेदारों को बख्श दिया है। हालांकि कहा जा रहा है कि जांच में कई जिम्मेदार नपेंगे।
सत्ताधारी नेताओं ने की सिफारिश
-एक ओर योगी सरकार नकल रोकने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं गुरुवार देर रात तक सत्ताधारी नेता ही सिफारिश करने में लगे रहे। कार्रवाई में ढिलाई कराने के लिए कई अहम माननीयों के साथ तमाम पार्टियोें के नेताओं ने प्रशासन से पैरवी की।