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चैत्र नवरात्र: अंतिम चरण में तैयारियां

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देवी मंदिरों में साज-सज्जा और सफाई कार्य तेज - फोटो : अमर उजाला
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एटा। मां आदि शक्ति की भक्ति का पर्व चैत्र नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहा है। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। देवी मंदिरों मे साफ-सफाई के साथ सजावट का काम तेजी से चल रहा है। भक्त भी नवरात्र को लेकर खरीदारी में जुटे हैं। गुरूवार को दिन भर बाजार में खासी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पर्व पर पूजा और उपवास के लिए सामानों की जमकर खरीदारी की।
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नवरात्र के लिए प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र तैयारियां तेजी से चल रही हैं। शहर के प्रमुख पथवारी मंदिर में सफाई का काम चल रहा है। मंदिरों में बिजली की झालरों से सजावट की जा रही है। माता महाकाली मंदिर, शीतला माता मंदिर और जनता दुर्गा मंदिर में भी साज-सज्जा की जा रही है। इसके साथ ही मंदिरों में धार्मिक आयोजनों को लेकर भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। देवी जागरण, भागवत कथा के साथ-साथ माता की पालकी निकालने का भी कार्यक्रम बन रहा है।

उधर, होली के बाद ठंड़ा पड़ा बाजार गुरुवार को नवरात्र की खरीदारी के चलते गुलजार हो चला है। बाजार में रौनक लौट आने से व्यापारियों में उत्साह नजर आ रहा है। इस दौरान लोगों ने पूजा की थाली, चुनरी, कलश समेत व्रत के सामान कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, गोला, रोली समेत तमाम सामानों की खरीदारी की। व्यापारी ईशान जैन बताते हैं कि नवरात्र की बिक्री शुरू हो चुकी है।
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मंदिरों के बाहर भी लगी दुकानें
-देवी मंदिरों के बाहर चुनरी, पूजा थाली, प्रसाद की दुकानें सजाने का काम शुरू हो गया है। लोग इन दुकानों पर पूजा-व्रत की वस्तुएं खरीद रहे हैं। माता की चुनरी की कीमत से लेकर 200 रुपये तक है।
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लाल चोले की खासी डिमांड
पर्व के दौरान माता को चोला चढ़ाने के लिए भी लोगों में उत्साह नजर आ रहा है। महिलाएं लाल चोले की खासी मांग कर रही हैं। इसके साथ नवरात्र के नौ दिनों में माता को अलग-अलग पोशाक पहनाने के लिए भी खरीदारी हो रही हैं।
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मूर्तियों को दे रहे अंतिम रूप
नवरात्र को लेकर मूर्तिकार भी तेजी से देवी मां की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पिछले वर्षों में नवरात्र पर्व पर मां की मूर्तियों को सार्वजनिक रूप से स्थापित करने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके चलते मूर्तिकारों से विभिन्न साइज की मूर्तियां तैयार करा ली गई हैं। मूर्तिकार विजय बताते हैं कि पांडाल में स्थापना के लिए देवी मां की मूर्ति की खास डिमांड रहती है। इसके चलते काम तेजी से चल रहा है। उनके यहां 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की मूर्तियां हैं।


मंदिरों के बाहर है गंदगी और अतिक्रमण
-नवरात्र पर मंदिरों के अंदर सफाई और सजाव शुरु है लेकिन प्रशासन अब तक पर्व की तैयारियों को लेकर चेता नहीं है। शहर के जीटी रोड स्थित जनता दुर्गा मंदिर के बाहर अतिक्रमण का राज है। वहीं कैलाश मंदिर के बाहर जलभराव भक्तों के लिए परेशानी का सबब बना है। अब तक पालिका ने सफाई व्यवस्था को लेकर पहल नहीं की है।
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