मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए एक तरफ जहां शासन द्वारा करोड़ाें रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ विभाग तथा शासन, प्रशासन की अनदेखी के कारण 10 साल से उच्च प्राथमिक विद्यालय को भवन नहीं मिल पा रहा है। जिससे बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर हैं।
कुरावली विकास खंड में उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला आंध्रा का शुभारंभ वर्ष 2007 में किया गया था। विद्यालय के लिए भूमि का भी आवंटन कर दिया गया। धनराशि भी भेजी गई लेकिन आज तक भवन निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों की मानें तो पता चला कि यहां के भवन के लिए जो रुपया आया था वह थोरवा में बनवा लिया गया। पिछले 10 साल से यहां के बच्चे बिना भवन के ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
यहां तैनात प्रधानाध्यापिका सुनीता कुमारी ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में कक्षा छह, सात व आठ में 34 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उनके अलावा सहायक अध्यापक राजकिशोर यादव व पूजा सक्सेना की तैनाती है। भवन न होने के कारण बच्चों को खुले में बैठना पड़ता है। बच्चों के बैठने के लिए प्राथमिक विद्यालय नगला आंध्रा में एक कक्ष दिया गया है।
जहां बरसात के मौसम में कक्षाएं लगती हैं, लेकिन यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी लग रहा है। जिससे बच्चों को अलग से कक्षाएं संचालित करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि भवन के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखा गया है।