वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन के यमुना खादर में बसी अवैध कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण का अभियान कभी भी शुरू हो सकता है। इसके लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने शनिवार को खादर में बसी कॉलोनियों में चेतावनी जारी कर दी है। इससे अधिकारियों में हड़कंप है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने पानीघाट, मोहिनी नगर, हुड़दंग नगर, राजपुर खादर, श्याम कुटी आदि क्षेत्रों में लोगों को चेतावनी दी है।
परिक्रमा मार्ग मोरकुटि के महंत परमेश्वरदास त्यागी के अनुसार शुक्रवार को मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के कई कर्मचारी कालोनी में आए और तीन दिन में कालोनी को खाली करने के आदेश दे गए। जाते हुए कह गए कि कभी भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। विकास प्राधिकरण की चेतावनी के बाद से यमुना खादर में बसे लोगों की नींद उड़ गई है। सितंबर में ध्वस्तीकरण अभियान के बाद स्थानीय खादर में बसे लोगों ने हाईकोर्ट और प्रदेश के मुख्यमंत्री के वृंदावन आगमन पर ध्वस्तीकरण को रोकने की अपील की थी। अक्तूबर से अभियान रुका है और लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शुक्रवार हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आए प्रशासन के बाद से लोग परेशान हो गए हैं।
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कोर्ट के आदेश पर रोके निर्माण
वृंदावन। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मथुरा वृंदावन में यमुना किनारे 200 मीटर तक निर्माण पर रोक के आदेश के बाद शनिवार को कई निर्माण रोक दिए गए। अनहोनी की आशंका पर लोगों ने अपने अपने निर्माण कार्य बंद कर प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी नजर लगा दी है। वृंदावन के कालीदह, सूरजघाट और आनंद घाट पर चल रहे निर्माण कार्य शनिवार को जहां के तहां रोक दिए गए हैं।