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सावधान, मिलावटी दूध न बिगाड़ दे आपकी सेहत

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एटा। जिले में मिलावटी दूध का कारोबार बड़े स्तर पर हो रहा है। जांच में दूध के दो नमूने फेल हो गए हैं। इसके साथ ही नमकीन का एक नमूना मिस ब्रांड घोषित हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने विक्रेताओं को नोटिस जारी किए हैं।
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जिले में सिंथेटिक दूध का कारोबार जोरों पर हो रहा है। खुलेआम दूध विक्रेता पानी के साथ रासायनिक पदार्थों की मिलावट कर रहे हैं। पिछले वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन ने छापामार कार्रवाई कर नकली दूध बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए दूध के दो नमूने फेल होने के बाद पुष्टि हुई है कि विक्रेता दूध में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। विभाग ने 22 जुलाई को जलेसर क्षेत्र के गांव नगला झड़ू से राजेश कुमार मनजेश कुमार की दुकान से दूध का नमूना लिया था। साथ ही नगला महासुख में देवेंद्र के यहां भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने कार्रवाई कर सैंपल एकत्र किया था। विभाग ने नमूनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा। जहां से परीक्षण के बाद दोनों नमूनों को फेल कर दिया गया। इसके साथ ही 29 जुलाई को जलेसर के ही रामगढ़ी से लोकेंद्र पाल के यहां से नमकीन का नमूना लिया गया था। जिसे भी जांच में मिस ब्रांड घोषित कर दिया। जबकि प्रयोगशाला में जिले के 23 नमूनों की जांच लंबित है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तीनोें विक्रेताओं को नोटिस जारी किए हैं।
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ऐसे करें मिलावटी दूध की पहचान
- दूध की बूंद को चिकनी सतह पर गिराएं, अगर बूंद धीरे बहे और सफेद निशान छोड़े तो शुद्ध दूध है।
- मिलावटी दूध की बूंद बिना निशान छोड़े तेजी से बह जाएगी।
- आयोडीन की कुछ बूंदे दूध में मिलाएं। मिलाने पर मिश्रण का रंग नीला हो जाएगा।
- सिंथेटिक दूध स्वाद में कड़वा लगता है।
- उंगलियों के बीच रगड़ने पर साबुन जैसा चिकनापन लगता है।
- गर्म करने पर पीला पड़ जाता है।
कहते हैं आंकड़े
178 नमूने लिए गए वर्ष 2016-17 में
53 सैंपल हुए जांच में फेल
41 सैंपल अप्रैल से अब तक लिए गए
20 नूमने जांच में हुए हैं फेल
इनका कहना है
खाद्य पदार्थों की जांच को लेकर विभाग सक्रिय है। मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूध विक्रेताओं पर विभाग पैनी नजर रखे हुए है।
अपूर्व श्रीवास्तव, अभिहित अधिकारी एटा।
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