आगरा/बरहन। चमरौला रेलवे स्टेशन के पास रविवार सुबह टूंडला-दिल्ली टीएडी पैसेंजर के पहियों में चिंगारी निकलने के साथ ही ब्रेक जाम हो गए। गाड़ी तेज झटके के साथ रुकी। इस पर यात्रियों में चीखपुकार और भगदड़ मच गई। कई यात्री ट्रेन से कूदे। कई के चोटें भी आईं। इसके बाद सुबह साढ़े सात बजे से शाम पांच बजे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। कानपुर रेल मंडल प्रशासन ने शाम छह बजे ट्रेन के रद्द होने की घोषणा की।
टीएडी पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 64583) रविवार सुबह मितावली स्टेशन से छूटने के बाद बरहन की ओर जा रही थी। इससे पहले गोवल गांव के पास गेट नंबर 78 के गेटमैन पंकज कुमार ने बोगी से चिनगारी निकलती देखकर ड्राइवर को सूचना दी। ड्राइवर ने गाड़ी को रोकने के बाद निरीक्षण किया। कोई कमी नहीं मिलने पर वह ट्रेन को बरहन स्टेशन तक ले आया। यहां से 7.11 बजे ट्रेन चमरौला स्टेशन की ओर रवाना कर दी गई।
चमरौला स्टेशन पर पहुंचते ही ड्राइवर ने गाड़ी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, तभी बीच में लगे इंजन के पहियों से चिनगारी और धुआं उठा। तेज झटके के साथ ट्रेन रुक गई। झटका लगने पर यात्रियों ने समझा कि ट्रेन डिरेल हो गई है। काफी यात्री ट्रेन से कूद पड़े। गनीमत रही कि इस दौरान दूसरी पटरी पर कोई गाड़ी नहीं आ रही थी। हादसे के बाद चालक ने कंट्रोल रूम टूंडला में इंजन फेल होने की सूचना दी। तकनीकी विभाग की टीमें देर रात तक खामी को दुरुस्त करने में लगी थीं। वहीं यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा था। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने यात्रियों को समझाया। करीब 11 बजे टूंडला से दिल्ली जाने वाली ईएमयू पैसेंजर से कई यात्री गए।
पानी को तरसे यात्री, घंटों फंसे रहे
इंजन में खराबी के ठीक होने का इंतजार कर रहे सैकड़ों यात्री घंटों तक प्लेटफार्म पर भटकते रहे। प्लेटफार्म पर लगे दो हैंडपंप खराब थे। इससे बच्चे भी पानी को तरस गए। गांव भी दूर था, ऐसे में घंटों तक दूसरी ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री बेहाल हो गए।