आगरा। बेमौसम में दस्तक दे रहे स्वाइन फ्लू का वायरस चुनौती बना हुआ है। अमूमन सर्दी में पनपने वाला वायरस अब 30-40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी जीवित रह रहा है। एसएन के माइक्रो बायलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर गोयल बताते हैं कि इन्फ्लुएंजा ए वायरस स्वाइन फ्लू की वजह है। सामान्य इन्फ्लुएंजा से जुकाम-खांसी रहती है।
उनका मानना है कि सामान्य इन्फ्लुएंजा में सूअर, मुर्गी के वायरस आने पर ये अधिक शक्तिशाली हो गया है। अमूमन सामान्य इन्फ्लुएंजा से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता शरीर में रहती है, लेकिन फ्लू का वायरस के मुकाबले प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसी के चलते अधिक तापमान तक जीवित रह रहा है। अमूमन 25 डिग्री सेल्सियस में इसके फैलने की संभावना रहती है। इसके सबसे ज्यादा फैलने की संभावना नवंबर से फरवरी के महीने रहती है।
जागरूकता के लिए चलेगा अभियान
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के कई मरीज मिलें हैं। फिरोजाबाद में भी एक मरीज की पुष्टि हुई है। बीमारी के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी तैयारी है। बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा। सीएमओ डा. शेर सिंह का कहना है कि इलाज की पूरी व्यवस्था है। लोगों को जागरूक करने के लिए पैम्फलेट बांटे जाएंगे।
स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण:
बुखार-खांसी के साथ छींकें, नाक से पानी बहना
बदन दर्द, जोड़ में सूजन आ जाना
गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना
आंखों में संक्रमण, उल्टी-दस्त होना
इनका रखें ख्याल:
हाथों को घंटे-दो घंटे में साबुन से धोएं
किसी से भी हाथ मिलाने से बचें
संक्रमित मरीज के संपर्क से बचें
छींकते वक्त मुंह पर रुमाल लगाएं
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें