आगरा। भारत सरकार एसएन मेडिकल कालेज में ट्रेनिंग सेंटर खोलेगी। इसमें दुर्घटना में घायलों का इलाज कैसे करें जैसी तमाम जानकारियां स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएंगी। इसके लिए केंद्रीय टीम का निरीक्षण हो चुका है। यह सेंटर सर्जरी की नई आठ मंजिला इमारत में खोला जाएगा।
सेंटर के लिए लगभग दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें मरीजों के डमी, उपकरण समेत अन्य आवश्यक सामान खरीदे जाएंगे। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा. त्रिलोक चंद्र को नोडल प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को घायलावस्था में इलाज की बारीकियां बताई जाएंगी।
प्रशिक्षण में पैरामेडिकल स्टाफ के पारंगत होने से इलाज आसान होगा और घायल की जान बचाई जा सकेगी। प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर से इमरजेंसी सेवाओं में लगे स्टाफ के लिए फायदेमंद होगा। निरीक्षण हो गया है, जल्द कार्य शुरू हो जाएगा।
एसएन में हो सकेगी संक्रामक बीमारियों की जांच
एसएन मेडिकल कालेज की वायरोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू, वर्ड फ्लू समेत किसी भी तरह की संक्रामक बीमारियों की जांच की सुविधा है। यहां हेपेटाइटिस, डेंगू, सिफलिस समेत करीब 35 सहित अति गंभीर बीमारियों की जांच हो सकती है। माइक्रोबायलॉजी विभाग के अध्यक्ष डा. अंकुर गोयल ने बताया कि वायरोलॉजी लैब से हुई जांच भारत सरकार और इंडियन मेडिकल रिसर्च सेंटर से भी प्रमाणित है। ये बीते साल ही आठ मंजिला इमारत में स्थापित की गई है। आधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित स्टाफ भी है।