धर्मेंद्र त्यागी
डा. बीआरए यूनिवर्सिटी से संबद्ध 124 निजी कालेजों पर ताला लटक सकता है। यूनिवर्सिटी ने इन सभी की संबद्धता समाप्त करने के लिए शासन से संस्तुति की है। वजह यह है कि इन कालेजों ने आल इंडिया एजूकेशन (एआईई) सर्वे में शैक्षणिक डाटा जमा नहीं कराया है। एआईई सर्वे प्रभारी ने यूनिवर्सिटी को इन कालेजों की सूची सौंपी थी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2014-15 सेशन से डिग्री कालेजों में शिक्षा का स्तर परखने के लिए सर्वे शुरू किया। इसमें शैक्षणिक, भौतिक और आर्थिक 17 बिंदुओं पर कालेजों से जानकारी मांगी गई। इसमें कोर्स, छात्र व शिक्षकाेें की संख्या, प्रैक्टिकल लैब, कंप्यूटर लैब, कालेज का पता, क्षेत्रफल, कमरे, फीस, वेतन आदि का ब्योरा देना था।
अब हर साल ऐसी जानकारियां सर्वे के तहत निजी कालेजों को देनी होंगी। विश्वविद्यालय से संबद्ध 2014-15 सेशन के 648 में से 524 कालेजों ने ही इन बिंदुओं पर विवरण आनलाइन अपलोड किया। जबकि 124 कालेजों ने ऐसा नहीं किया। अधिकांश कालेज मैनपुरी, एटा, इटावा और फीरोजाबाद के बताए गए हैं। चेतावनी के बाद भी इन कालेजों ने डाटा जमा नहीं किया। अब 2014-15 सत्र के लिए वेबसाइट भी बंद कर दी है।
इस सत्र के 403 कालेेज बाकी
2015-16 सत्र के 678 कालेजों में से 275 कालेजों ने ही डाटा जमा कराया है। इनमें 124 वे कालेज भी शामिल हैं, जिन्होंने बीते सेशन का विवरण नहीं दिया है। इन कालेजों के लिए आनलाइन विवरण अपलोड करने के लिए 21 मार्च अंतिम तिथि है।
वर्जन
:- 2014-15 सत्र में 124 कालेजों ने सर्वे के तहत डाटा जमा नहीं किया। इनकी सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी है।
- डा. मनोज उपाध्याय, प्रभारी, एआईई सर्वे
:- कालेजों को कई बार सूचित कर एजूकेशन सर्वे के तहत जानकारी देने के लिए कहा गया। कार्रवाई का निर्णय शासन लेगा।
- प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति
बेहतर कालेजों को मिलता आर्थिक पुरस्कार
योजना के तहत प्राइवेट कालेजों में शैक्षणिक स्तर को स्तरीय बनाना भी है। इसमें प्राइवेट कालेजों को केंद्र सरकार आर्थिक मदद भी देगी। दरअसल, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) शुरू किया गया है, इसमें मानकों पर खरे उतरने वाले प्राइवेट कालेजों में व्यावसायिक कोर्स, शोध समेत अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ग्रांट दिए जाने का प्रावधान है।