मथुरा। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित तीन प्रमुख मंदिरों में विराजमान गिरिराजधरण महाराज अरबों की संपत्ति के मालिक हैं। किसी के पास विद्यालय है तो किसी के पास कोठी और महल हैं। खेती योग्य जमीन भी इन मंदिरों की संपत्ति में शामिल है। यह चौंकाने वाला आंकड़ा गोवर्धन में श्राइन बोर्ड के लिए जुटाए जा रहे संपत्ति के रिकार्ड में सामने आ रहा है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश पर राज्य सरकार गोवर्धन के तीन प्रमुख मंदिरों के लिए श्राइन बोर्ड का गठन करने जा रही है। इसमें गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र अंतर्गत मानसी मुकुट मुखारबिंद, जतीपुरा मुखारबिंद और दानघाटी मंदिर शामिल हैं। राज्य सरकार ने श्राइन बोर्ड के गठन के लिए इन तीनों ही प्रमुख मंदिरों की संपत्ति का ब्योरा भी मांगा है।
अब तक जुटाए गए आंकड़े बताते हैं कि इन तीन मंदिरों में विराजमान गिरिराजधरण महाराज अरबों की संपत्ति के मालिक हैं। इसमें सबसे धनाढ्य मंदिर दानघाटी है। इस मंदिर के पास सबसे अधिक जमाराशि भी है। इसके अलावा गिरिराज वाटिका, कन्या विद्यालय और अन्य स्थान पर जमीन भी मंदिर के नाम पर है। इसी प्रकार मंदिर मानसीगंगा मुकुट मुखारबिंद की संपत्ति में जमा राशि के अलावा करीब 15 बीघा जमीन, गिरिराज बाग और खास महल भी है।
हालांकि अभी तक इन मंदिरों की संपत्ति का अधिकृत आंकड़ा प्रशासन को नहीं मिल सका है। उक्त मंदिरों का नियंत्रण न्यायिक मजिस्ट्रेट के नियंत्रण में है। अब प्रशासन संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से शासन द्वारा मांगी जा रही जानकारी जुटा रहा है। एसडीएम नागेंद्र सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर संपत्ति सहित तीन प्रमुख मंदिरों का विवरण जुटाया जा रहा है।