फिरोजाबाद। शौचालय निर्माण में यमुना की बालू और पीयरा ईंट का प्रयोग करने को डीपीआरओ गिरीशचंद्र ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिले की चार ग्राम पंचायतों के प्रधान तथा सचिवों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने की संस्तुति की।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण अंचल में शौचालय के निर्माण कराए जाने का काम काफी तेजी से कराया गया है। डीएम के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन के जिला कोआर्डिनेटर ने बुधवार को अरांव ब्लाक की ग्राम पंचायत भारौल का निरीक्षण किया। यहां शौचालय बनाने में पीयरा ईंटों का प्रयोग किए जाने के साथ यमुना की बालू प्रयोग होती मिली।
मदनपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत खटुआमई में शौचालय को बनाने में यमुना की काली बालू प्रयोग की हो रही थी। दरवाजे की खराब गुणवत्ता थी। वहीं अरांव ब्लाक की माड़ई पंचायत के साथ ही नारखी ब्लाक की ग्राम पंचायत गौंछ में शौचालय निर्माण की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली।
मिशन के जिला कोआर्डिनेटर ने अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ गिरीशचंद्र को सौंपी है। डीपीआरओ गिरीशचंद्र ने इन ग्राम पंचायतों के प्रधान व सचिवों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने की संस्तुति की है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन ग्राम पंचायतों में गुणवत्ता खराब मिलेगी उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी।