एसटीएफ ने दस फर्जी छात्रों को पकड़ा था
एटा। कोऑपरेटिव सोसाइटियों में भर्ती घोटाला होने की शिकायत मिली है जिसकी जांच के लिए शासन को पत्र भेजा है। अगर मामले की जांच होती है तो विभाग के कई जिम्मेदारों की गर्दन फंसना तय माना जा रहा है।
जिले में कोऑपरेटिव की 68 सोसाइटी (समिति) हैं, जिनमें वर्ष 2014 से 2017 के बीच में चतुर्थ श्रेणी के पद पर अलग-अलग सोसाइटी में करीब 50 भर्ती हुई थी जिनमें राजनेताओं की मिलीभगत पर अधिकारियों ने मानकों को ठेंगा दिखाते हुए भर्ती कर दी थी। जब मामले की शिकायत दर्ज हुई तो परत खुलने लगी है। अब मामले में बड़ा घोटाला होने की आशंका बताई जा रही है। समितियों पर ऐसे लोगों की भर्ती कर दी गई है, जो पूरी तरह से अशिक्षित है। जबकि शासनादेश में पांचवीं कक्षा तक के दस्तावेज और लिखने पढ़ने का ज्ञान होना आवश्यक था। जिले में सबसे ज्यादा ब्लॉक जैथरा और अलीगंज की समितियों पर फर्जी नियुक्तियां होने की बात कही जा रही है जिनकी जांच के लिए शासन को विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। जिसमें जांच कराए जाने की सिफारिश की गई है।
जिले की समितियों पर फर्जी भर्ती की गई हैं, जिसकी जांच के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। पूरी तरह से संख्या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि ब्लॉक अलीगंज और जैथरा में मामले सबसे बताए जा रहे हैं।
प्रदीप कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता
वर्जन
कोऑपरेटिव सोसाइटियों पर फर्जी नियुक्तियां की गई हैं, जिनकी जांच कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। चयनित कमेटी के माध्यम से नियुक्तियां की जाती हैं जिनमें नियमों का अनुपालन नहीं किया गया है। प्रशासन के संज्ञान में मामला पहुंच गया है। आगे की प्रक्रिया शासन के दिशा निर्देश के बाद अमल में लाई जाएगी।
भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक