मैनपुरी। एक ही परिसर में संचालित परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलयन किया जाएगा। इसके लिए शासनादेश के बाद निदेशक बेसिक शिक्षा ने पत्र जारी कर दिया है। निदेशक का पत्र जारी होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। नई व्यवस्था के तहत जिले में 300 से अधिक प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त होने की संभावना है।
निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए के नाम भेजे पत्र में बताया है कि एक ही परिसर में संचालित सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय का संविलयन कर कक्षा एक से आठ तक विद्यालय का संचालन किया जाएगा। संविलयन के बाद एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठ प्रधानाध्यापक या कार्यवाहक प्रधानाध्यापक ही प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करेगा।
विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक आरटीई एक्ट के माध्यम से शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। 30 सितंबर 2018 की छात्र संख्या के अनुसार समायोजन की कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में शिक्षक पदों की गणना संविलयन के आधार पर की जाएगी। विद्यालय के समस्त अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। एक ही प्रबंध समिति का गठन होगा। तैनात शिक्षक एक से लेकर आठ तक की कक्षाओं में पढ़ाएंगे।
विद्यालयों का संविलयन होने से जिले में 300 से अधिक प्रधानाध्यापकों से पद छिन जाएगा। इसे लेकर इन प्रधानाध्यापकों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं प्रधानाध्यापक के पद पर प्रमोशन चाहने वालों को भी धक्का लगा है। इस नई व्यवस्था ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।