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धुमरी में बुखार से एक की मौत

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एटा। धुमरी ग्राम पंचायत की मलिन बस्ती में बुखार से पीड़ित एक किशोरी की मौत हो गई। किशोरी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। विगत दो सप्ताह में बुखार से पीड़ित पांच बच्चों की मौत हो गई है। इससे गांव में दहशत फैल गई है। जबकि स्वास्थ्य विभाग अभी तक गांव में फैले बुखार से अंजान बना हुआ है।
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धुमरी ग्राम पंचायत की मलिन बस्ती निवासी आरजू (11) पुत्री विनोद कुमार विगत कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने किशोरी को गांव के ही चिकित्सक से दवा दिलवा दी थी। इसके बाद एटा निजी चिकित्सक की क्लीनिक लेकर पहुंचे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार को किशोरी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि आरजू से पहले बस्ती में बुखार से पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें संगीता (12) पुत्री परमेश्वर नागर, अंजली (10) पुत्री धर्मेंद्र नागर, संध्या (03) पुत्री प्रवेश, छोटू (01) पुत्र राजवीर, अमित (07) पुत्र धर्मेंद्र की है। ग्रामीण दिनेश, राजेन्द्र, ओमप्रकाश भदौरिया, संजय गुप्ता आदि ने बताया कि कई बार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी गई है लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। गांव में लोगों में बुखार को लेकर दहशत है।
- यह है बीमार
उजाला, विकास, रोहित पुत्रगण जितेन्द्र, जितेन्द्र पुत्र मंगल, अंकेश देवी, शिवांगी पुत्री दिनेश कुमार राम पुत्र अवधेश कुमार, नेहा, विनोद, मंगल, गौरी, माधुरी आदि बच्चे बीमार है।
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अभी तक जानकारी नहीं है। अगर गांव में बुखार के मरीज है तो चिकित्सकों की टीमे भेजकर ग्रामीणों को दवा मुहैया कराई जाएगी। सभी की जांच कराई जाएगी।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
तीन मरीजों में मिले डेंगू के लक्षण
कासगंज। जिले में डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। नगर पंचायत मोहनपुर में तीन और मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए जाने के बाद से उनके परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पीड़ितों का दिल्ली, अलीगढ़ के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
आफाक (20) पुत्र इरशाद निवासी मोहनपुर को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखया, लेकिन फायदा नहीं मिला तो उसे सिढ़पुरा में चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां उसकी प्लेटलेट्स मात्र 40000 निकली। इतनी कम प्लेटलेट्स देखकर चिकित्सक ने उनको बाहर ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे अलीगढ़ ले गए। रहीसा बेगम पत्नी शरीफ शाह निवासी गुल्लानगर मोहनपुर को बुखार आने के बाद चिकित्सक को दिखाया, तो उनकी प्लेटलेट्स 35000 निकली। चिकित्सक ने इसके बाद डेंगू का परीक्षण कराया जो पाजीटिव निकला। इसके बाद उनको दिल्ली ले जाया गया। अकबर (35) निवासी गुल्लानगर मोहनपुर के बुखार आने के बाद प्लेटलेेट्स काफी कम हो गई। चिकित्सक की सलाह के बाद परिवारीजन उसको दिल्ली ले गए। जहां उसका डेंगू का इलाज चल रहा है। जिले में अब तक कई लोग डेंगू का शिकार होकर आगरा, बरेली, अलीगढ़, दिल्ली में इलाज करा रहे हैं। मुख्य चिकित्साअधिकारी डा. प्रतिभा श्रीवास्तव का कहना है कि वे क्षेत्र में टीम भेजकर मरीजों का परीक्षण कराएंगी। जो भी पीड़ित मिलेगा उसका उपचार कराया जाएगा।

लैब टेक्नीशियन सहित तीन को डेंगू
एटा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत लैब टेक्नीशियन सहित तीन लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। पीड़ितों का उपचार सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराकर किया जा रहा है। वहीं लगातार अस्पताल कर्मचारी और उनके परिजनों को हो रही डेंगू की पुष्टि से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को सात मरीजों की डेंगू जांच कराई गई। इनमें अस्पताल की ब्लड बैंक में कार्यरत लैब टेक्नीशियन डीपी सिंह पुत्र ग्या प्रसाद निवासी जिला अस्पताल परिसर, रवि कुमार पुत्र सतीश चंद्र निवासी भगीपुर, महावीर सिंह पुत्र संतोष कुमार निवासी सैंथरी में डेंगू की पुष्टि हुई। सभी का उपचार जिला अस्पताल में ही किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि डेंगू पॉजीटिव के लिए एनएस 1, आईजीएम, आईजीजीएम तीनों की पुष्टि होना जरूरी है। अभी हमारे यहां सिर्फ एनएस 1 पॉजीटिव पाया गया है। एनएस 1 की पुष्टि में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में दवा है। उधर, एक के बाद एक कर लगातार डेंगू मरीजों की पुष्टि हो रही हैं।
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