फिरोजाबाद। नगर निगम में करीब दो हजार सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था खराब है। यह बात प्रशासनिक अफसरों को खटकने लगी है। कर्मचारियों पर लगाम लगाने के लिए ड्रेस कोड लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों का वित्तीय बोझ बढ़ा है। ठेका सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों में गंदगी से नाले-नालियां बजबजा रहे हैं। सड़कों से दोपहर तक कूड़ा नहीं उठता। कर्मचारियों की मॉनीटरिंग के लिए सेनेटरी इंसपेक्टर, सुपरवाइजर तैनात हैं। लेकिन मॉनीटरिंग के नाम पर कागजी कार्रवाई हो रही है। नगर निगम सफाई व्यवस्था के नाम पर हर माह करीब 3.50 करोड़ रुपया खर्च कर रहा है।
डीएम नेहा शर्मा ने नगर निगम की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय देवेंद्र पाल सिंह का प्रभारी अधिकारी नामित किया है। प्रभारी अधिकारी ने सफाई व्यवस्था में तैनात स्थाई, संविदा, बैकलाग एवं ठेका कर्मियों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। ताकि निरीक्षण के दौरान पता चले कि कौन सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि ठेका, संविदा एवं स्थाई कर्मचारियों का कलर कोड अलग होना चाहिए।