मैनपुरी। ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) की हकीकत 80 टीमें परखेंगी। एक सप्ताह में टीमें सत्यापन रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। ओडीएफ जिला होने का दावा पंचायत विभाग ने दो अक्तूबर को किया है। शासन ने ओडीएफ जिला बनाने की समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है।
ओडीएफ जिला बनाने के लिए केंद्र सरकार ने दो अक्तूबर 2019 की समय सीमा तय की है। जबकि प्रदेश सरकार ने ओडीएफ जिला बनाने के लिए दो अक्तूबर 2018 की समय सीमा तय की थी। दो अक्तूबर 2018 को पंचायती राज विभाग ने जिला ओडीएफ होने का दावा किया है।
पंचायती राज विभाग के दावे के बाद डीएम प्रदीप कुमार ने ओडीएफ की हकीकत जानने का निर्णय लिया है। डीएम ने 80 अधिकारियों को हकीकत जानने के लिए नामित किया है। डीएम द्वारा नामित किए गए अधिकारी एक सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण करके सत्यापन रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही हकीकत सामने आएगी। इसी बीच शासन ने ओडीएफ जिला बनाने के लिए समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर तय कर दी है।