जसराना (फिरोजाबाद)। जसराना का बाईपास मार्ग विवादों में पड़ा है। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारी गड्ढे भरने पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा न मिलने तक कोई कार्य नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों के विरोध के बाद अधिकारी लौट गए।
एटा शिकोहाबाद के चौड़ीकरण होने पर कस्बा के व्यापारियों की मांग पर सपा सरकार ने बाईपास मार्ग को मंजूूरी दी। पहले से एलआर तिराहे से नगला रामा को जोड़ने वाले मार्ग को बाईपास मार्ग में तब्दील करने का निर्णय लिया। कार्यदायी संस्था ने कार्य करना शुरू किया तो ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर दिया। पुलिस-प्रशासन से मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने किसानों को मानक के अनुसार मुआवजा देने का आदेश दिया। आदेश मिलने के बाद भी अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। वहीं अधूरे बने मार्ग से ही बड़े वाहनों को निकाला जा रहा था लेकिन बारिश में होने वाले गड्ढों के कारण कोई वाहन चालक वाहनों को नहीं ले जा रहा है। वाहन अंदर बाजार में होकर जाने के कारण जाम लग रहा है। लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों को भरना शुरू किया तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया।
ग्रामीणों को समझाने के लिए एक्सईएन, एई वीके शर्मा, जेई सुदेश कुमार पहुंचे तो ग्रामीणों के आक्रोश को झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि बिना मुआवजा मिले कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। एई पीडब्लूडी वीके शर्मा ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गड्डों को भरने का कार्य किया जा रहा था। विरोध के बाद कार्य बंद करा दिया है। मुआवजे की फाईल शासन स्तर पर लंबित है। जिलाधिकारी को अवगत करा दिया है।