एटा। जिले की सबसे महत्वपूर्ण जवाहर तापीय परियोजना के लिए पानी की सप्लाई देने के लिए लगभग तीन किमी लंबी नहर का निर्माण होना है। जिसमें लगभग डेढ़ सौ किसानों की जमीन अधिग्रहित होनी है। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की घोषणा कर दी गई है। जिसके तहत करीब 11 करोड़ रुपए का किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
जवाहर तापीय परियोजना के लिए छछैना नहर से पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जानी है। परियोजना स्थल से नहर की दूरी लगभग तीन किमी है। इतनी दूरी की नहर की खोदाई सिंचाई विभाग के माध्यम से की जानी है। तीन किमी नहर की खोदाई में 150 किसानों की जमीन जा रही है। किसानों से सहमति पत्र भरवाने का लगभग 70 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। सहमति पत्र के आधार पर किसानों को सर्किट रेट से चार गुना अधिक धनराशि देने की घोषणा प्रशासन द्वारा कर दी गई है। वर्तमान में वहां पर 18 लाख प्रत्येक हैक्टेयर की दर से सर्किट रेट चल रहे हैं चार गुना सर्किट रेट 72 लाख हैक्टेयर होते हैं। जिसके आधार पर किसानों को दी जाने वाली धनराशि लगभग 11 करोड़ हो रही है। जिसका भुगतान सहमति पत्र भरने के बाद किसानों को वितरण करना प्रशासन शुरू कर देगा।
खोदाई की शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया
छछैना नहर से जवाहर तापीय परियोजना तक तीन किमी लंबी नहर की खोदाई जल्द शुरू होगी। विभाग की ओर से खोदाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिम्मेदारों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल के अंत तक नहर खोदाई का कार्य रफ्तार पकड़ लेगा।
जवाहर तापीय योजना के लिए तीन किमी लंबी नहर की खोदाई होनी है। जिसमें 150 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा जो 11 करोड़ के करीब बन रहा है। अभी तक 70 फीसदी सहमति पत्र भरे जा चुके हैं।
भारत भूषण, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
आंकड़ों पर नजर
03 किमी लंबी बनेगी नहर
150 किसानों की भूमि का होगा अधिग्रहण
11 करोड़ रुपए की प्राप्त हो चुकी है धनराशि
70 फीसदी किसानों ने भर दिए सहमति पत्र
04 गुना अधिक किसानों को मिलेगा मुआवजा