पटियाली/कासगंज।
पटियाली इलाके के नगला करन और नगला दुरगु में गुरुवार को आग लगने से दो बच्चों की जलकर मौत हो गई। वहीं बच्चों को बचाने आए दस लोग झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दो को गंभीर अवस्था में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा कई पशुओं की भी आग से जलकर मौत हो गई और कई झुलस गए हैं। सूचना पर पहुंची दमकल और ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
गुुरुवार को अग्निकांड की पहली घटना नगला करन में करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई। गांव के कल्यान सिंह के घेर से अचानक आग की लपटें उठनें लगीं। ग्रामीणों की नजर जैसे ही आग की लपटों पर पड़ी तो ग्रामीण कल्यान सिंह के घेर की ओर दौड़ पड़े। तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। कल्यान सिंह के घ्ेार से उठी चिंगारी नेकराम के पक्के मकान में पड़े छप्पर पर जा गिरी और नेकराम के घर में भी तेजी से आग फैल गई। उसके पक्के मकान में छप्पर जलते ही आग ने कमरे में चारपाई पर सो रही नेकराम की धेवती डिंपल (7) पुत्री रवि को चपेट में ले लिया, जिससे उसकी जलकर मौत हो गई। आग से उनके घर में रखा सामान भी जल गया। डिंपल की आवाज सुनकर उसके परिवार के लोग दौड़े लेकिन डिंपल की मौत हो चुकी थी। आग की विकराल लपटों से नेकराम के एक पशु की भी जलकर मौत हो गई। श्यामपाल का बैल जलकर काफी घायल हो गया। धनपाल की तीन बकरी मर गईं। राजपाल और अतर सिंह का इंजन और बुग्गी जल गई। मुकेश और हरीराम के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। कल्यान सिंह घेर में बधे पशुओं को बचाने की कोशिश में झुलस गए। इसके अलावा संतराम, श्याम पाल, दीपक, देवी, मोनिका, आरव, विपिन भी झुलस गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर दो घंटे विलंब से पहुंची। गांव में कुल आठ आवासीय और गैर आवासीय घर और घेरों में आग से लाखों की क्षति हो गई।
वहीं नगला दुरगु में करीब साढ़े 12 बजे कुंवर पाल के घर में आग लगी। आग से घर में रखा सिलेंडर फट गया। इसके बाद गांव के 27 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान आग की चपेट में आ गए। झोपड़ी में सो रहा बालक कालीचरन (6) पुत्र रामरहीस की जल कर मौत हो गई, जबकि बच्चे को बचाने के प्रयास में मदनलाल पुत्र सुभाष और संजीव पुत्र किशनपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। कुंवरपाल के घर का सारा सामान राख हो गया। इसके अलावा ग्रामीण जयचंद, लल्वी, सतवीर, कुंवरपाल, उदयवीर, श्यामदेवी, लाखन, रामरहीस, रनवीर, सुमित, हृदेश, सतवीर एवं देशराज के घरों का सामान राख हो गया। उदयवीर का एक पशु मर गया। लाखन के छह पशु, राम रहीस, रनवीर एवं गिरीश का एक-एक पशु जलकर मर गया।