बारिश से किसानों के माथे पर बल
- फोटो : अमर उजाला
एटा। गर्मी से मिली राहत आफत बन गई है। आफत की बरसात से माथे पर बल पड़ गए। दो दिन बदले मौसम के मिजाज ने सबसे ज्यादा किसानों की आफत बढ़ाई है। गुरुवार सुबह आसमान में काली-काली घटाएं देख किसानों की धड़कन तेज हो गई। हल्की बूंदाबांदी हुई। किसान फसल को बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ते नजर आए। दोपहर बाद तक मौसम साफ हो गया तब किसानों ने राहत की सांस ली।
तीन दिन से रूक-रूककर हो रही बारिश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। आसमान में छाए काले-काले बादलों की ओर किसान टकटकी लगाए देखे रहे हैं। गुरुवार को किसानों ने पौ फटने से पहले काली घटाएं देखी तो अचानक धड़कन तेज हो गईं। हल्की रिमझिम बारिश शुरू हुई तो तेज हवाओं ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। तेज हवाओं के साथ बादल धीरे-धीरे छंटने लगे और बारिश रूक गई। सुबह 11 बजे तक आसमान में बादल छाए, दोपहर बाद धीरे-धीरे बादल छटे और मौसम साफ दिखाई दिया। मौसम साफ होने के बाद भी अभी भी आशंकाएं बनी हुई है। किसान को अभी भी एक सप्ताह से अधिक समय कार्य शुरू करने लग जाएगा। जब तक फसल पूरी तरह से सूख नहीं जाती है तब तक किसान हाथ पर हाथ रखने को मजबूर हैं।