मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में शहीदों के गांव और अब तक विकास से अछूते रहे पिछड़े गांवों को प्राथमिकता दी गई है। पहली बार विकास कराने के लिए 40 में से शहीदों के नौ गांवों को इस योजना में शामिल किया है। इसमें शहीदों के पैतृक गांवों में उनके नाम से गेट और सड़क बनाकर शहीद की प्रतिमा लगेगी।
शहीदों के पैतृक गांव झंडीपुर, बेगमपुर, शहजादपुर पौरी, नगला देविया, शेरनगर, पातीपुरा, भरतिया, किलौनी तथा शहजादपुर इंदावली को पहली बार मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में शामिल किया है। इन गांवों के साथ इन पंचायतों के मजरों में भी विकास कार्य कराए जाएंगे। सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने बताया कि शहीदों के गांवों में उनके नाम से शहीद द्वार, पथ बनेंगे तथा शहीद की पंचायत घर पर प्रतिमा लगेंगी।
इसके अलावा गांव सकना, बासोंती, लाढ़पुर, जाफर नगर, पाली ब्राह्मणान, अकबरपुर, सिंहाना, तरौली सुमाना, अगरयाला, सिवाल, आजनौंठी, धानौता, चौडऱस, बहरावली, उमराला, सुरवारी, चिकसौली, ककरारी, गैंयरा, तेहरा महावन, इटौली, वंशै, इरौली जुन्नारदार, बकला, मिट्ठौली, देदनाबांगर, खाजपुर, दौलतपुर, दघेंटा, झरौठा गांवों को समग्र विकास के लिए चयनित किया गया है। सीडीओ ने बताया कि इन गांवों में आवास, संपर्क मार्ग, पेंशन, पेयजल, शौचालय सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे।