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31 राजस्व गांव ओडीएफ में फेल

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कई जगहों पर नहीं मिला शौचालयों का निर्माण और प्रयोग - फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में कागजों पर गांवों को ओडीएफ किया जा रहा है। गांवों को जिला प्रशासन ने शौचालय बनाकर ओडीएफ कर दिया है। हालांकि मंडलीय सत्यापन टीम को गांवों में शौचालय निर्माण में खामियां मिली। विगत महीने किए सत्यापन के बाद टीम ने 31 राजस्व गांवों को फेल घोषित कर दिया। अब महज 13 राजस्व गांव को ओडीएफ करने की संस्तुति की गई है।
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जिले में ओडीएफ को लेकर लगातार अभियान चल रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए तेजी से जिला प्रशासन जुटा है। आलम यह है कि प्रशासन मारहरा ब्लॉक को ओडीएफ घोषित करने का दावा कर रहा है, लेकिन मंडलीय टीम को सत्यापन में स्थिति खराब मिली। विगत महीने मंडलीय टीम ने मारहरा ब्लॉक में सत्यापन के बाद भेजी रिपोर्ट में 24 राजस्व गांवों को रिजेक्ट कर दिया।

इन गांवों में मंडलीय टीम को शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं मिला और न ही लोग उसका प्रयोग करते मिले। वहीं गांवों में शौचालय निर्माण की एमआईएस फीडिंग कराए बिना ही गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। मंडलीय टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वच्छ भारत मिशन की टीम में हड़कंप है। अब गांवों की एर्मआईएस फीडिंग कराने और शौचालयों का निर्माण कराकर गांवों को ओडीएफ कराने की तैयारी है।
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ये गांव हुए निरस्त
इस्लामपुर, फिरोजपुर सिलोनी, भुरगवां, फतेहपुर माफी, लोधामई, सिया, मोहम्मदपुर, ततारपुर माफी, बुढै़ैना, फरीदपुर, हुसैनपुर, दतेई, अमृतपुर, पिथनपुर, सराय अहमद खान, मीरापुर, भुढर्रा, समसपुर, सराय जरौलिया, मुनव्वरपुर, नूरपुर, नगर मुरगढ़ा, चंदनपुर जिन्दहर, अकबरपुर लाल सहाई, अंगदपुर, गुलशनाबाद, बंधूपुरा, मिल्क छछैना, फतेहपुरा, लालपुर।
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कुछ राजस्व गांवों में शौचालयों का निर्माण चल रहा है। एमआईएस फीडिंग कराई जा रही है। जल्द ही गांव को दोबारा सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।
धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ
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कहते हैं आंकड़े
853 राजस्व गांव हैं जिले में
576 जिले में है ग्राम पंचायत
141 गांवों को किया जा चुका है ओडीएफ
80 गांव को हो चुका है मंडलीय सत्यापन
31 मार्च तक जिले को करना है ओडीएफ
71 ग्राम पंचायतें हो चुकी हैं खुले में शौच मुक्त
34 ग्राम पंचायतों का हो चुका है सत्यापन
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