मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में निगेटिव ब्लड यूनिट का टोटा पड़ गया है। इस वक्त ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुपों की चंद यूनिट ही मौजूद हैं। इसमें ए, ओ और एबी निगेटिव ब्लड सबसे कम है। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में मौजूद अधिकांश ब्लड गरीबों की जान बचाता है।
जिले की सबसे बड़ी ब्लड बैंक इस वक्त ब्लड की कमी से जूझ रही है। खासकर नेगेटिव ब्लड ग्रुप की सबसे अधिक समस्या है। इसमें ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव, ए निगेटिव और एबी निगेटिव की तो सिर्फ दो-दो यूनिट ही जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में मौजूद हैं। इनके अलावा ब्लड ग्रुप बी निगेटिव की आठ यूनिट की मौजूदगी है। निगेटिव ग्रुप के अलावा सामान्य तौर पर मिलने वाले अन्य ब्लड ग्रुपों की उपलब्धता भी खास नहीं है। गौरतलब रहे जिला अस्पताल की यह ब्लड बैंक गरीबों का बड़ा सहारा है। जनपद के सभी सरकारी अस्पतालाें में गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों को भी यहीं से ब्लड दिया जाता है।
आकांक्षा बनेगी ब्लड बैंक का सहारा
जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में ब्लड यूनिटों की मात्रा बढ़ाने के लिए आकांक्षा आगे आई है। इस संस्था ने आम लोगों के साथ सरकारी कर्मचारियों से भी रक्तदान की अपील की है। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने स्वास्थ्य सहित बेसिक और माध्यमिक शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक की। सभी अफसरों को अधिकतम यूनिट सात फरवरी को रक्तदान कराने के निर्देश दिए हैं। सात फरवरी को रक्तदान शिविर लगेगा। आम लोगों से भी इसमें सहभागिता की अपील की है। यह शिविर राजीव भवन में आयोजित होगा।
- शरद कुमार त्यागी, सीएमओ, मथुरा