फरह(मथुरा)। कुरकंदा गांव में बंबा के पास देर रात गुरुवार को किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। किसान को तीन गोलियां मारी गईं हैं। एक गोली किसान के भेजे को उड़ाकर आर-पार हो गई। पुलिस के मुताबिक हत्या की वजह जमीन की रंजिश बताई जा रही है। गांव के ही नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
थाना फरह के गांव कुरकंदा निवासी रमेश (50) पुत्र बिजेंद्र किसान थे। गुरुवार को देररात रमेश हाईवे किनारे कुरकंदा मोड़ पर अपने छोटे भाई भगवान सिंह के घर से पैदल गांव में अपने घर जा रहा था। वह बंबा के समीप गिर्राजशरण के खेत तक पहुंचा ही था कि हमलावरों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने उसे पकड़कर पीठ, सिर और पेट में तीन गोलियां दाग दी। एक गोली रमेश के भेजे को उड़ाकर आर-पार हो गई। सूचना पर पहुंची फरह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। गांव कुरकंदा का माहौल बिगड़ते देख एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। उधर, हत्यारोपी गांव छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। उनकी महिलाएं और बच्चे घरों में कैद हो गए हैं। हत्या की सूचना पर एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह, सीओ रिफाइनरी जगवीर सिंह चौहान और कई थानों का फोर्स पहुंच गया था। पोस्टमार्टम केे बाद पुलिस कस्टडी में अंतिम संस्कार कराया गया।
मृतक के चाचा जयपाल सिंह की तहरीर पर गांव के राजेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, हरपाल सिंह, श्रीपाल सिंह, एसके उर्फ योगेश, देवेंद्र, ताराचंद, ब्रजमोहन और सत्यवीर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रमेश को सटाकर गोलियां मारी गई हैं।
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30 बीघा जमीन के लिए हो चुकी हैं चार हत्याएं
35 साल से रमेश और राजेंद्र में चली आ रही रंजिश
ओमप्रकाश शर्मा
फरह। कुरकंदा में 30 बीघा जमीन को लेकर 35 सालों से राजेंद्र सिंह और रमेश में रंजिश चली आ रही है। इसके चलते 2013 में मृतक रमेश के चचेरे भाई महेंद्र सिंह पर लाठी-डंडों और सरियों से हमलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। साल 2014 में राजेंद्र सिंह के 12 साल के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में रमेश के भाई और भतीजों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दोनों तरफ से हत्या के बाद दुश्मनी और बढ़ गई। साल 2016 में राजेंद्र के समर्थक फौरन सिंह की गोली मारकर हत्या हुई तो फिर रमेश के परिवार पर ही आरोप लगे। लगातार बढ़ रही रंजिश में गुरुवार की देररात रमेश की गोलियां दागकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों पक्षों से दो-दो लोगों की हत्या से गांव कुरकंदा का माहौल गरमा गया है। पुलिस की हीलाहवाली का नतीजा है यह है कि पांच साल में चार हत्याएं हो गईं, पर कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई। केवल हत्या के बाद मुकद्दमा दर्जकर आरोपियों को पकड़कर जेल भेजकर इतिश्री कर दी गई।