ज्योंति। आलू की फसल को लेकर किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले वर्ष बोया गए आलू की सही कीमत नहीं मिलने पर सड़कों पर फेंका गया था। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। वहीं अब इस बार आलू में चेचक रोग फैलने के कारण किसान परेशानी में हैं। आलम यह है कि कच्ची खोद के ज्यादातर आलू में चेचक रोग मिल रहा है। इससे किसानों का आलू आधी कीमत पर बिक रहा है।
क्षेत्र में कई किसानों ने कच्ची खोद का आलू खोदना शुरू कर दिया है लेकिन चेचक रोग फैलने के कारण आलू खराब निकल रहा है। किसान शैतान सिंह ने बताया कि चेचक की रोकथाम के लिए कोई उपचार नहीं बताया गया। अभी खेत का थोड़ा हिस्सा ही खोदा है। इसमें 50 फीसदी से ज्यादा आलू चेचक रोग के कारण खराब हो चुका है। किसान महावीर सिंह ने बताया रोग फैलने के कारण आलू की कीमत सही नहीं मिल रही है। आलू में छेद हो गए हैं। वहीं आलू की आकृति भी खराब हो गई है। उनका कहना है कि इसके लिए काफी प्रयास किए उसके बाद भी खेत में रोग फैलता ही जा रहा है। पिछले साल हुए नुकसान की इस वर्ष भरपाई की उम्मीद थी। लेकिन रोग होने के कारण वह भी नष्ट हो गई।
कैसे फैलता है चेचक रोग
-चेचक रोग बैक्टीरिया के कारण खेतों में फैलता है। इसका सबसे बड़ा कारण बीज का शोधन नहीं करना है। साथ ही चेचक रोगग्रस्त बीज को बोने से भी आलू की फसल में रोग लगता है। वहीं एस खेत में भी वह रोग जम जाता है।
ऐसे करें बचाव
- खेत में खड़ी आलू की फसल में चेचक रोग लगने पर उसे नहीं रोका जा सकता है। लेकिन किसान थोड़ी समझदारी के साथ इस बीमारी से अपनी फसल को बचा सकता है। इसके लिए किसान साइकोडरमा दवा से बीज का शोधन करे। वहीं इसके पाउडर को गोबर में मिलाकर खेत में डाले। जिस खेत में चेचक का रोग लग गया है। उस खेत में तीन से चार साल तक आलू की फसल को नहीं करना चाहिए।
वर्जन
-आलू में चेचक की बीमारी होना आम बात है। रोग फैलने के बाद इसे रोका नहीं जा सकता है। पहले ही सावधानी बरतने पर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
बीआर चौधरी, कृषि वैज्ञानिक उद्यान विभाग