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जमीन पर बैठने को विवश हुए मतदानकर्मी

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फिरोजाबाद। पुलिस लाइन से रवाना होने के बाद जब पोलिंग पार्टियां अपने बूथों पर पहुंची तो वहां जमीन पर बैठने को विवश हो गईं। पोलिंग बूथों पर अव्यवस्थाओं के चलते मतदान कर्मी व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।
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नगर निकाय चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिला प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दीं थी। नगर निगम सीमा के अंतर्गत 70 वार्डों का सर्वे कराने के बाद 191 मतदान केद्रों पर कुल 439 बूथ बनाए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर तहसील और नगर निगम प्रशासन द्वारा बूथों पर पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रैंप हैं या नहीं।

इसका कई चरणों में सर्वे कराया गया, लेकिन मतदान से एक दिन पूर्व व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। अमर उजाला टीम ने कई पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया तो मतदान कर्मचारी जमीन पर बैठे नजर आए। कहीं बूथों पर लाइट की व्यवस्था नहीं थी तो कहीं दुर्गंध के चलते पोलिंग टीम अंदर जाने से कतराती नजर आई। कई पोलिंग बूथों पर मतदान कर्मियों के लिए कुर्सी, मेज अथवा बेंच तक के इंतजाम नहीं थे।
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दृश्य-1
हिमायूंपुर प्राथमिक विद्यालय में चार बूथ बनाए गए हैं। चार बूथों पर पोलिंग टीम मतदान केंद्र पर पहुंची तो वहां बैठने तक कोई इंतजाम नहीं था। पोलिंग टीम में शामिल कर्मचारी जमीन पर बैठे नजर आए। तो कुछ कर्मचारी प्लास्टिक के त्रिपाल पर बैठे कार्य निपटाते दिखे।

दृश्य-2
सुभाष तिराहा स्थित जैन मंदिर में एक पोलिंग बूथ बनाया गया है। पोलिंग बूथ पर जब टीम पहुंची तो कक्ष के अंदर काफी अंधेरा था। कक्ष के अंदर बैठने तक का कोई इंतजाम नहीं था। पोलिंग बूथ पर दो कर्मचारी जमीन पर बैठे नजर आए, वहीं दो कर्मचारी चादर बिठाकर चुनावी कार्य निपटाते दिखे।

दृश्य-3
थाना दक्षिण के पीछे पुरानी तहसील में चार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पोलिंग टीम में शामिल मतदान कर्मचारी जब पोलिंग बूथ पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। पोलिंग बूथ के अंदर से इतनी तीव्र दुर्गंध उठ रही थी, कि कर्मचारी अंदर घुसने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। एक कक्ष के अंदर प्याज की दुर्गंध आ रही थी।

दुर्गंध के कारण मतदान कर्मचारी काफी देर तक बाहर खड़े रहे। यही नहीं बूथ के अंदर सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नहीं था। बूथों पर लगे किबाड़ टूटे हुए थे। कर्मचारियों का कहना था कि कोई ईवीएम मशीन उठा ले गया तो हम क्या जवाब देंगे?
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