आगरा। यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों को अभी तक राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाइयां आवंटित नहीं की गई हैं, जबकि शैक्षणिक सत्र के चार माह बीत चुके हैं। यही नहीं फरवरी में बोर्ड परीक्षा भी होनी है। इकाइयों के देरी से आवंटित होने पर विशेष शिविरों के आयोजन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होगी।
एनएसएस की इकाइयां सत्र के शुरुआत से ही विद्यालयाें को आवंटित की जानी चाहिए। यूपी बोर्ड में सत्र परिवर्तन के बाद से स्थिति खराब है। नवंबर-दिसंबर में इकाइयां आवंटित की जा रही हैं। इस समय अर्द्धवार्षिक परीक्षा, यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा, प्री-बोर्ड और मुख्य परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थी जुट जाते हैं। वह एनएसएस की गतिविधियाें में नहीं जुड़ पाते हैं। सात दिवसीय विशेष शिविर जनवरी और फरवरी में लगते हैं तो उसमें भी स्वयंसेवक कम रुचि दिखाते हैं।
आगरा मंडल में गत सत्र में 60 इकाइयां आवंटित थीं। चालू सत्र में भी इतनी ही इकाइयों का प्रस्ताव भेजा गया है। क्षेत्रीय निदेशक, एनएसएस अशोक कुमार श्रोती के मुताबिक प्रदेश सरकार की ओर से उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर न प्राप्त होने के चलते इकाइयों के आवंटित की प्रक्रिया देरी से शुरू होती है। प्रत्येक सत्र के समापन पर इकाइयों का उपयोगिता प्रमाणपत्र देना होगा।
‘मंडल से गत सत्र का उपयोगिता प्रमाणपत्र भेजा जा चुका है। इकाइयां देर से आवंटित होने पर स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण का मौका कम मिल पाता है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जुट जाते हैं तो शिविर में कम रुचि लेते हैं।’
- आरपी शर्मा, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)