कोतवाली के मनौटा में रहने वाले गार्डनर परिवार के लोगों के साथ चार दिन पूर्व गांव के ही दबंगों ने जमकर पिटाई की। इससे परिवार के लोगों को चोटें आ गईं। उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी। चार दिन तक दबंगों ने उन्हें पुलिस तक नहीं जाने दिया। मंगलवार को यह परिवार जैसे तैसे गांव से निकलकर शहर में पहुंचा और मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आ गए। मारपीट और जमीन पर कब्जा जमाने वाले दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
कोतवाली के मनौटा गांव में गार्डनर परिवार रहता है। इस समय रसल गार्डनर के पिता टेरिंस गार्डनर गांव में रहते हैं। उनका पुत्र रसल गार्डनर एवं पुत्रवधू रितु गार्डनर दिल्ली में नौकरी करते हैं। 15 सितंबर को रसल अपनी पत्नि रितु के साथ पिता से मिलने के लिए गांव में पहुंचा। तभी शाम 6 बजे गांव के ही दबंग प्रदीप उसके पिता शैतान सिंह, प्रताप सिंह, संतोष सिंह, जल्ला व अन्य दस अज्ञात लोगों ने गार्डनर परिवार पर हमला बोल दिया। इससे सभी के चोटें आईं। रसल के सिर में घाव हो गया और खून बहने लगा। उनकी कार भी क्षतिग्रस्त कर दी। दबंगों ने उन्हें गांव छोड़कर चले जाने की धमकी दी। घटना के बाद दबंगों ने उन्हें घर से नहीं निकलने दिया।
रितु के साथ भी अश्लील फब्तियां कसी। परिवार के भयभीत लोग गांव में ही फंसे रहे। मंगलवार को रसल अपनी पत्नि और बच्चे के साथ गांव से निकला। फिर से उसे घेरने की कोशिश की, लेकिन वह कार दौड़ाता हुआ निकल आया। नगर में पहुंचकर उसने क्रिश्चियन समुदाय के लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद मामला पुलिस प्रशासन की नजर में आया तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए। एसडीएम देवेंद्र प्रताप एवं सीओ शैलेंद्र लाल कासगंज पुलिस के साथ गांव मनौटा पहुंचे। रसल गार्डनर ने बताया कि गांव के दबंगों ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर रखा है और वह चाहते हैं कि परिवार गांव से भाग जाए और जमीनें उनकी हो जाएं। पुलिस ने इस मामले के दो आरोपी प्रदीप एवं शैतान सिंह को हिरासत में ले लिया है।