जलेसर के मकसूदपुर निवासी जमील की 13 वर्षीय बेटी को बहला कर ले जाने और 40 वर्षीय शादीशुदा युवक से निकाह कराने का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर एटा में होने वाली मेडिकल जांच अलीगढ़ ट्रांसफर करने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने सीएमओ को नोटिस जारी कर तलब किया है। पिता की आपत्ति के कारण गुरुवार को किशोरी के बयान कोर्ट में दर्ज नहीं हुए। शुक्रवार को सीएमओ के कोर्ट पहुंचने के बाद किशोरी के बयान दर्ज कराने और दोबारा मेडिकल जांच कराने पर फैसला होगा।
निकाह के बाद हाईकोर्ट में दूसरी युवती के बयान दर्ज कराने के बाद एटा से अलीगढ़ मेडिकल जांच ट्रांसफर कराने और मेडिकल जांच में फर्जीवाड़े पर पिता की आपत्ति को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। पिता जमील के अधिवक्ता केपी सिंह यादव ने बताया कि जमील की आपत्ति पर कोर्ट ने सीएमओ को नोटिस भेज कर शुक्रवार को कोर्ट में तलब किया है।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने एटा में किशोरी की मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए थे, लेकिन सीएमओ ने एक्सरे प्लेट नहीं होने की कहकर बिना कोर्ट की इजाजत के मेडिकल जांच अलीगढ़ ट्रांसफर कर दी। मेडिकल जांच दूसरी युवती की कराने का आरोप लगाते हुए पिता जमील ने बयान दर्ज होने से पहले कोर्ट में आपत्ति जताई थी। वकील की मानें तो पिता की आपत्ति के चलते गुरुवार को आईओ संग पहुंची किशोरी के बयान दर्ज नहीं हुए। दूसरी ओर पिता जमील ने जलेसर पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि आईओ कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद जेल भेजने की धमकी दे रहा है। इसके चलते जमील और उसका परिवार दहशत में है।