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जीएसटी की मार, अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की कमी

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फिरोजाबाद। जीएसटी लागू होने से जिला अस्पताल से लेकर गांव कस्बों के अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं को सप्लायर आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। जिला अस्पताल में बोतल (ड्रिप) की कमी हो गई है। करीब 1500 बोतल शिकोहाबाद के संयुक्त अस्पताल से मंगानी पड़ी।
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कंपनियाें ने एक सप्ताह बाद सप्लाई करने को कहा है। जिला अस्पताल जिन कंपनियों से दवाओं की खरीद फरोख्त करता है, उन्हे पहले दवाओं के आर्डर के साथ प्राकलन बनाकर भेजे थे लेकिन जीएसटी लगने के बाद पुन: मांगे जा रहे हैं।

जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. साधना राठौर का कहना है कि कई दवाएं 15 से 20 दिनों से नहीं आई हैं। जीएसटी भी कारण है और दवाओं का नया पोर्टल बना है, वो भी कारण हो सकता है। जैसे एनीमिक मरीज के लिए आयरन इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। अन्य दवाएं भी खत्म हो गई हैं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग के दवा स्टोर नोडल डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि हम दवाओं की मांग पहले ही भेज देते हैं। अभी तो सिर्फ एंटीरेबीज इंजेक्शन की कमी है। 31 दवाओं की मांग पहले भेज चुके हैं लेकिन सप्लाई नहीं हुई है। दवाएं जल्द नहीं मिली तो स्थिति बिगड़ सकती है।

वहीं द ड्रगिस्ट मेडिकल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विजेंद्र यादव का कहना है कि जीएसटी अभी पूरी तरह से समझ में नहीं आया है। इसलिए बड़ी कंपनियां बिलिंग नहीं कर रही हैं।


सामान्य दवाएं तो हैं। अगर कोई एंटीबायोटिक खत्म हो जाती है तो दूसरे से काम चला लेते हैं। लेकिन हमारे पास थाइराइड, मिर्गी, सीरप की कमी है। डिमांड भेजी है। जीएसटी के कारण दिक्कत आ रही है लेकिन धीरे-धीरे सबकुछ ठीक हो जाएगा।
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डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल


इन दवाओं की भेजी डिमांड, नहीं हुई आपूर्ति
दवा मात्रा
लिवोसिट्रजन टेबलेट 1.5लाख
फ्लूकोनाजोल टेबलेट 50 हजार
बेनजाल बोएट लोशन (एलर्जी) 10 हजार
सोडियम वेल्पारेटर टेबलेट (मिर्गी की दवा) 30 हजार
थायरोक्सिमन टेबलेट (थायराइड की दवा) 30 हजार
सेप्टरान सीरप (बच्चों का एंटीबायोटिक) 5 हजार
ड्रिप (बोतल) 10 हजार
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