गंगा में लो फ्लड की आशंका सच हो गई। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के बाद गंगा में उफान तेज हो गया। जलस्तर 24 घंटे में फिर 45 सेंटीमीटर बढ़ गया। शनिवार को गंगा 163.40 के निशान पर बह रही थी। गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर कांवड़ियों के लिए खतरा बन रहा है। लहरा गंगा घाट पर पांच डूबते हुए कांवड़ियों को तत्काल ही ग्रामीण गोताखोरों ने बचा लिया। कछला में कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए पीएसी की फ्लड यूनिट गंगा में निगरानी कर रही है।
गौरतलब है कि नरौरा बैराज से कछला की ओर शनिवार को 13,1133 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को हरिद्वार और बिजनौर बैराज की ओर से आ रहे पानी के दबाव को देखते हुए पहले से ही शनिवार को जिले में लो फ्लड होने की आशंका जताई जा रही थी। ये आशंका सही निकली और लो फ्लड हालातों ने गंगा घाटों और तटवर्तीय ग्रामीण इलाकों में हड़कंप पैदा कर दिया। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ और सायं तक यह सिलसिला जारी था।
घर-झोपड़ियों में घुस गया पानी
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण गंगा किनारे बनी झोपड़ियों और दुकानों में गंगा का पानी घुस गया। दुकानों के घेरे के चारों ओर पानी एकत्रित हो गया। दुकानदारों ने अपनी दुकानें हटा दीं। दूसरे स्थान पर दुकानदार दुकानें बनाने में जुटे नजर आए। सुबह के समय मुरैना के कांवड़ियों का जत्था लहरा गंगाघाट पर कांवड़ भरने की तैयारियों में जुटा था।
पांच कावड़िये डूबने से बच
कुछ कांवड़िये गंगास्नान करके कांवड़ सजाने में जुट गए। पांच कांवड़िये गंगा स्नान को उतरे। गंगा स्नान करते समय वे गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। कांवडिय़ों की चीखपुकार सुन तुरंत गोताखोर सुनील व उसके साथियों ने गंगा में छलांग लगा दी और सभी पांच कांवड़ियों को डूबने से बचा लिया। गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर इस समय कांवड़ियों के लिए काफी असुरक्षित है। कछला पर तो कांवड़ियों के लिए खतरा देखते हुए पीएसी फ्लड यूनिट ने निगरानी शुरू कर दी है।
वहीं सोरों इलाके के गंगा के उढ़ेर बांध के पास के सोते में गंगा का पानी भरने लगा है। इससे उढ़ेर पुख्ता, लहरा, दतलाना, कंडैलगंज, चंदवा, नगला पखिया, नगला अहेरिया, निहाली नगला सहित तमाम अन्य गांव के लोग जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। ढे़र के सुर्जन ने बताया कि सोता में पानी आने के बाद गंगा बढ़ती है तो आस पास के गांव में पानी भरने लगता है, जिसका असर जनजीवन पर शुरू हो जाता है।
गंगा में लो फ्लड के हालात बन गए हैं। हालांकि यह हालात ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे। हरिद्वार और बिजनौर बैराज पर पानी का दबाव कम हुआ है। इससे नरौरा पर पानी का दबाव कम होगा। एक दिन बाद जलस्तर में कुछ कमी आएगी। अभी कोई भी आबादी क्षेत्र लो फ्लड से प्रभावित नहीं हैं।
एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी, कासगंज