एटा। अब जिले की 57 ग्राम पंचायतों के लोगों को भी जल कर अदा करना होगा। पाइप लाइन पेयजल परियोजना के तहत ग्रामीणों से 50 रुपये प्रतिमाह लेने की तैयारी है। डीपीआरओ ने सभी प्रधान और सचिव को खुली बैठक में प्रस्ताव पास कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले की ग्राम पंचायतों में जल निगम द्वारा ग्राम पेयजल योजना, ओवर हैड टैंक है। आपरेटर, चालक की मदद से इसे चलाया जा रहा है। पर, आपरेटरों को ग्राम पंचायतों से मानदेय की प्राप्ति नहीं हो रही है। इससे ग्राम पेयजल योजनाएं निष्क्त्रिस्य हो रही हैं। डीपीआरओ नेे महत्वपूर्ण पेयजल योजनाओं के लिए संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायत की खुली बैठक कर पेयजल योजना से जल का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से 50 रुपये प्रतिमाह की दर से जल शुल्क, कर वसूलने का प्रस्तावित करें।
जल प्रबंधन समिति के माध्यम से जल शुल्क, कर की वसूली का कार्य कराएं। इस शुल्क की धनराशि को ग्राम निधि प्रथम के खाते में जमा कर प्राप्त धनराशि से प्रस्ताव के अनुसार आपरेटर, चालक को मानदेय देने के विद्युत शुल्क जमा करने, मरम्मत का कार्य कराया जाए। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि राज्य 14 वां वित्त आयोग से प्रधान के मानदेय के अतिरिक्त किसी को भी वेतन, मानदेय देय नहीं होगा। यदि ग्राम पंचायत द्वारा किसी भी आपरेटर, चालक को राज्य 14 वां वित्त की धनराशि से मानदेय का भुगतान किया जाता है तो अनियमितता के क्रम में संबंधित सचिव, प्रधान से धनराशि की वसूली की जाएगी।