आगरा। सिकंदरा के कैलाश और अरतौनी के बीच सोमवार दोपहर को यमुना में नहाने गए छह में से तीन दोस्त गहरे पानी में डूब गए। पीएसी के गोताखोरों ने दो के शव निकाल लिए। एक युवक का पता नहीं चल सका है।
शास्त्रीपुरम, सिकंदरा निवासी सोनू पुत्र सीताराम, राजकुमार पुत्र विशनलाल वर्मा, पंकज पुत्र अनिल कुमार, सोनू पुत्र बबलू, सनी पुत्र राजेश और सेक्टर 11 आवास विकास कालोनी निवासी आकाश पुत्र फूल सिंह सोमवार दोपहर तकरीबन तीन बजे यमुना में नहाने के लिए गए थे। वे कैलाश और अरतौनी के बीच में आसाराम आश्रम के पास जंगल में यमुना में पहुंच गए।
राजकुमार किनारे पर खड़ा रहा, जबकि बाकी दोस्त नदी में चले गए। पानी गहरा देखकर सोनू पुत्र सीताराम और पंकज बाहर निकल आए। बाकी तीनों दोस्त गहरे पानी में नहाने चले गए। कुछ ही देर में तीनों डूबने लगे। उन्हें डूबता देखकर अन्य दोस्तों ने शोर मचा दिया।
कुछ ही देर में सोनू, आकाश और सनी डूब गए। जानकारी पर उनके परिवारीजन और पुलिस आ गई। बाद में पीएसी के गोताखोरों ने सोनू और सनी के शवों को निकाला। आकाश का पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को आकाश की फिर से तलाश की जाएगी।
छुट्टी मनाने के लिए घर से निकले थे
राजकुमार ने पुलिस को बताया कि फैक्ट्री में ईद की छुट्टी थी। इस कारण सभी ने यमुना में नहाने का प्लान बनाया। नदी में गड्ढा होने की वजह से फंस गए। वे बाहर नहीं आ सके। आसपास जंगल होने की वजह से मदद भी नहीं मिल सकी।
यमुना में गड्ढे बने हादसे की वजह
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिस जगह पर तीनों दोस्त डूबे, वहां पर घाट नहीं है। इसके अलावा यमुना के अंदर गड्ढे होने की वजह से लोगों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं रहता है। इस कारण ही डूबने की घटना होती है। कुछ दिन पहले भी कैलाश मंदिर के पास तीन युवक डूब गए थे।