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भू-माफिया चिह्नित करने में भी खेल

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जमीन - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी।भूमाफिया की सूची बनाने मेें भी जिले के अधिकारियों ने बड़ा खेल किया है। सिर्फ 58 ऐसे लोगों की सूची बना दी गई जिन्होेंने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया है। इसमें एक-दो बिस्वा जमीन के कब्जेदार भी शामिल हैं। सूची में निजी जमीनों पर कब्जेदारों का नाम न देख भड़के डीएम ने सूची रद्द कर नए सिरे से भूमाफिया के चिन्हीकरण के आदेश दिए हैं।
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शासन स्तर से सभी जिलों में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं सभी जिलों में भूमाफिया को चिह्नित करने के भी आदेश हैं। इसी क्रम में शुक्रवार रात तक सभी छह तहसीलों के एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों ने मिलकर कुल 58 लोगों को भूमाफिया के रूप में चिह्नित किया था।

इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी कर ली गई थी। शनिवार सुबह उक्त सूची को जैसे ही डीएम यशवंत राव के सामने रखा गया। सूची देखते ही उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि उक्त सूची में अधिकारियों ने बड़ा खेल किया है। कारण इसमें वास्तविक भूमाफियाओं के स्थान पर सरकारी जमीनों पर कब्जे करने वालों के नाम हैं। इसमें ऐेसे लोगों को भूमाफिया बना दिया गया है जिन्होंने एक दो बिस्वा सरकारी जमीन पर ही कब्जा किया है। जबकि बड़े और वास्तविक भूमाफिया का सूची में नाम तक नहीं है।
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सूची पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने उसे तत्काल निरस्त कर दिया। साथ ही निर्देश दिए भूमाफिया को नए सिरे से चिह्नित किया जाए। साथ ही वास्तविक भूमाफिया की सूची जारी की जाए। न कि खानापूर्ति की जाए। इसके बाद सूची बनाने वाले अधीनस्थ अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वे नए सिरे से भूमाफिया को चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में डीएम ने सभी तहसीलों के एसडीएम की बैठक एक जुलाई को बुलाई है। उसमें नए सिरे सूची बनाने संबंधी निर्देश जारी किए जाएंगे।

वहीं पुरानी सूची में से जिन नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उनमें बड़ेरी निवासी रामगोपाल व तुलसी राम, भगवंतपुर के कृपाल सिंह, किन्हावर निवासी शैलेंद्र सिंह, मलिकपुर निवासी महाराज सिंह, बखतपुर निवासी रमेश पुत्र मुलायम सिंह व सुखवीर निवासी रमेशचंद्र, ओन्हा निवासी हेमराज, धर्मेंद्र सिंह, अनिया निवासी सूरजदेवी व मीठेपुर निवासी विश्मेवर सिंह शामिल हैं।

भूमाफिया की सूची देख डीएम का पारा इसलिए चढ़ा क्योंकि उसमें जितने भी नाम शामिल थे उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। इनमें कुछ ने तो एक या दो बिस्वा जमीन ही कब्जाई हुई थी। एक भी ऐसा नाम नहीं था जिसने निजी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा हो। ऐसा ही एक मामला करहल में प्रकाश में आया। वहां दलित की जमीन पर करहल निवासी एक व्यक्ति ने जबरन प्लाटिंग कर दी। आश्चर्यजनक रूप से सूची में उसका नाम तक नहीं था। जबकि पीड़ित कई बार पुलिस में शिकायत कर चुका था।

डीएम यशवंत राव कहते हैं कि भूमाफिया को चिह्नित कर बनाई गई सूची में कई अनियमितताएं थीं। इसके चलते अधीनस्थों को पुन: सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही जिले के सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी।
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