मैनपुरी जिले में बारिश के बाद संक्रामक बीमारियां कहर ढहा रही हैं। हर रोज औसतन दो मरीजों की मौत हो रही है। पिछले छह दिन के जिला अस्पताल के रिकॉर्ड पर यदि नजर डाली जाए तो 12 मरीजों की बुखार, डायरिया और सांस की दिक्कत के चलते मौत हुई है।
वहीं, 1500 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। 200 से अधिक मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट जारी किए हैं। साथ ही उन्हें जनपद में संक्रामक बीमारियों पर ध्यान रखने के निर्देश दिए
हैं।
जनपद में सर्वाधिक मरीज तो वायरल फीवर के पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं। शनिवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। संक्रामक बीमारियों से पीड़ित होने पर 300 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
शनिवार को दो लोगों की मौत
वहीं, 41 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में किशनी क्षेत्र के गांव बलारपुर निवासी 60 वर्षीय राकेश कुमार की बुखार से पीड़ित होने पर मौत हो गई। कोतवाली क्षेत्र के परसादपुर निवासी 60 वर्षीय मौजीराम की डायरिया से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में मौत हो गई।
डॉ. अनुज कुमार का कहना था कि दोनों ही मरीजों को शुक्रवार को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। जिन्हें हरसंभव उपचार देने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड पर यदि नजर डालें तो पिछले पांच दिन में 12 मरीजों की बुखार, डायरिया व सांस की दिक्कत के चलते मौत हुई है।
ऐसे करें बचाव
जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने जनपद के लोगों से अपील की है कि जनपद में वायरल फीवर पूरी तरह से हावी है। ऐसे में बचाव जरूरी है। जरा भी दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें।
उन्होंने कहा कि बुखार मच्छरों के काटने से हो रहा है। मच्छरों से बचाव के लिए फुल बाजू के कपड़े पहनें। ऑफिस में काम करते वक्त जूते और मौजे जरूर पहनें। कूलरों का पानी रोजाना बदलें। आसपास रुके हुए पानी में मिट्टी के तेल छिड़क दें। देसी तरीके बचाव के लिए नीम की पत्तियां जलाएं।
अलर्ट जारी
सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट जारी किए हैं। साथ ही उन्हें जनपद में संक्रामक बीमारियों पर ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से टीम भेजकर उपचार दिलाया जाए।