एटा। जिले में प्रधानों से जांच के नाम पर वसूली का खेल शुरू हो गया। पंचायतीराज विभाग में एक बाबू की शह पर प्रधानों को डरा धमकाकर जांच के नाम पर खेल किया जा रहा है। प्रधानों ने इसे लेकर विरोध जताया है। साथ ही मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
दरअसल, जिले में कई ग्राम पंचायतों की जांचें चल रही हैं। जिनमें अधिकतर ग्राम पंचायतों में जांच के लिए अब तक जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचे ही नहीं है। सूत्र बताते हैं कि विभाग के एक बाबू की शह पर प्रधानों से वसूली की जा रही है। बाबू के जरिए प्रधानों को फोन कर जांच का डर दिखाया जाता है। इसे लेकर कई बार प्रधान शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले दिनों बाबू के खिलाफ ग्राम पंचायत अधिकारियों ने भी प्रदर्शन किया था। डीएम तक शिकायत पहुंची थी, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो सका। फिलहाल बाबू को विकास विभाग में अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। बताया यह भी जाता है कि बाबू के खिलाफ सफाई कर्मियों से भी वसूली की शिकायतेें हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से बाबू के हौसले बुलंद हैं। अब प्रधान बाबू के खिलाफ शिकायत करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। प्रधान संगठन ने बाबू की करतूत की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। प्रधान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष यादव कहते हैं कि प्रधानों का जांच के नाम पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी कर चुके हैं। अब सीएम से शिकायत की है। प्रधानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानों से जांच के नाम पर वसूली नहीं की जा रही है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अजय पांडेय, प्रभारी डीपीआरओ/पीडी