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तहसील से प्राईवेट कर्मचारियों को अधिवक्ताओं ने खदेड़ा

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तहसील से प्राईवेट कर्मचारियों को अधिवक्ताओं ने खदेड़ा - फोटो : अमर उजाला
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अलीगंज। तहसील न्यायालयों में लंबित वादों को लेकर हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को नई तहसील काम कर रहे प्राइवेट कर्मचारियों को खदेड़ दिया। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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दरअसल, बार एसोसिएशन की बैठक में गुरुवार को एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में महीनों से लंबित कार्य नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने तीनों न्यायालयों के बहिष्कार की घोषणा की थी। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायालयों का बहिष्कार जारी रखा। अधिवक्ताओं ने नई तहसील पहुंचकर अवैध रूप से काम कर रहे प्राइवेट कर्मचारियों को कार्यालयों से खदेड़ कर बाहर निकाल दिया और जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीश्वर दयाल दुबे ने बताया कि एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार की हठधर्मिता के कारण गरीबों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। भारी विरोध को देखते हुए एसडीएम शिव सिंह अधिवक्ताओं के पास वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन तहसीलदार के नहीं आने से अधिवक्ताओं में आक्रोश पनप गया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम से समस्याओं से अवगत कराया। विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने भी समस्याएं सुनकर अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि जल्द ही पुराने कार्यों का निस्तारण करा दिया जाएगा। अध्यक्ष ने सदन में घोषणा की कि जिस दिन पुराने कार्य पूरे हो जाएंगें। उस दिन न्यायालयों का बहिष्कार समाप्त कर दिया जाएगा। ओमहरी सक्सेना, बलवीर सिंह यादव, प्रताप सिंह राठौर, कमलनाथ गुप्ता, रामतीर्थ दीक्षित, रामेंद्र पाल पांडेय, प्रमोद मिश्रा, मेघ सिंह शाक्य, बीके अवस्थी, वासुदेव सिंह शाक्य, वेद प्रकाश यादव, आनंद शाक्य, सुधीर शाक्य मौजूद रहे।
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