एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर किए गए गोलमाल की शिकायतों को लेकर जांच शुरू हो गई है। ग्राम पंचायत अखतौली रतनपुर और गढ़वाला में विकास कार्यों के नाम पर हुए खेल को लेकर सीडीओ ने डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर खेल किया गया है। पिछले दिनों निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत अखतौली रतनपुर और गढ़वाला में विकास कार्यों के नाम पर हुए खेल की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम और सीडीओ से की थी। मामले में ब्लॉक स्तरीय अधिकारी से कराई गई जांच को लेकर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी से शिकायत कर जांच की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर मारहरा विधायक ने सीडीओ को पत्र लिखकर जिला स्तरीय अधिकारी से जांच कराने के लिए कहा है। विधायक का पत्र मिलने के बाद सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने ग्राम पंचायत अखतौली रतनपुर और गढ़वाला की जांच डीपीआरओ को कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान ने मनमाने तरीके से धन खर्च किया है और कई निर्माण कार्यों को फर्जी दिखाकर गबन किया है। मामले में जांच को लेकर डीपीआरओ कार्यालय में हड़कंप मचा है।
इन कार्यों में किए गए गोलमाल की शिकायत
फर्जी नाली निर्माण दिखाकर धन निकाला गया है।
3500 की आबादी में 15 से 20 शौचालयों का निर्माण कराना।
फर्जी तरीके से सड़क निर्माण दिखाकर धन निकाल लेना।
इंटरलॉकिंग और खड़ंजा के नाम पर अतिरिक्त धन निकाल लेना।
सलेमपुर खेडिय़ा और बक्शीपुर खास में जांच तेज
सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत सलेमपुर खेड़िया में चल रही मनरेगा के कामों की जांच तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर और एक्सईएन आरईएस की जांच के बाद रिकवरी कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत बक्शीपुर खास में भी मनरेगा के तहत हुए कामों और विकास कार्यों को लेकर जांच के लिए डीसी मनरेगा ने तैयारी शुरू कर दी है। डीएम ने ग्राम पंचायतों की जांच को लेकर सख्ती की है। डीएम ने खेल की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधानों को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।