वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत मंदिर प्रबंधन की ओरा से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हैं। पिछले लगभग 4 वर्ष से बुजुर्गों और विधवाओं को पेंशन नहीं मिल रही है। सेवायतों ने सुविधाओं को बहाल करने की मांग की है।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के तत्कालीन सदस्य प्रेमबिहारी गोस्वामी के द्वारा 15 वर्ष पूर्व बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों के परिवार को वृद्धा और विधवा पेंशन दिए जाने की शुरुआत की गई थी। इसके साथ ही परिवारों शिक्षा के साथ कन्या के विवाह में सहायता राशि जैसी सुविधाएं भी दीं जातीं थीं।
इसमें विधवाओं के साथ 60 वर्ष की आयु पार कर चुके सेवायतों को हर माह पेंशन दी जाती रही है। लेकिन वर्ष 2016 से सभी सुविधाएं बंद कर दीं गईं हैं। वहीं वर्ष 1955 से चली आ रही के साथ (पारस) प्रसाद दिए जाने की सुविधा भी बंद है। उन्होंने बताया कि कुछ परिवार ऐसे भी है जिनकी सेवा एक दिन की भी नहीं है और परिवारों में विधवाएं या छोटे बच्चे हैं।
इन परिवारों के लिए मंदिर प्रबंध कमेटी से मिलने वाली सहायता राशि से लाभ हो रहा था। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से सेवायतों को मिलने वाली सुविधाओं को पुन: सुचारु किए जाने की मांग की है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक प्रशासन उमेश सारस्वत ने बताया कि मंदिर प्रबंध कमेटी के समय से सुविधाएं बंद हैं। प्रबंधन को सुविधाएं शुरू कराने के लिए अभी पत्र नहीं मिला है।