मैनपुरी- भोगांव। गांव अहिरवा में हुए भूमि घोटाले के मामले में जेल भेजे गए तीन आरोपियों की जमानत न्यायालय ने खारिज कर दी है। कोर्ट के इस निर्णय से अन्य आरोपियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। एक हजार बीघा भूमि घोटाले में पांच लेखपाल सहित 57 लोगों के विरुद्ध तहसीलदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नौ सितंबर को गांव अहिरवा में एक हजार बीघा भूमि घोटाले के मामले में डीएम प्रदीप कुमार ने गोपनीय जांच कराने के बाद तहसीलदार अनिल कुमार को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। एक हजार बीघा से अधिक भूमि का 57 लोगों को कास्तकार अंकित कर दिया गया था। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने पांच लेखपाल सहित 57 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
लेखपाल सतेंद्र सिंह, विवेक दुबे व फर्जी कास्तकार बने श्यामवरन, रामवरन, प्रीतम सिंह, संजीव कुमार निवासी गोला बाजार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय में अपनी जमानत का प्रार्थना पत्र दिया गया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया। घोटाले के आरोपियों की जमानत निरस्त होने के बाद अन्य आरोपियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में ग्राम प्रधान रतना सिंह चौहान का कहना है कि गरीब पात्र व्यक्तियों को इस कार्रवाई से राहत मिली है।