एटा। जिले में पटाखों का कारोबार न केवल बिना लाइसेंस के चल रहा है, बल्कि इसे लेकर कोई सतर्कता भी नहीं बरती जा रही है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। लगातार हो रहे हादसों से भी प्रशासन कोई सीख लेना नहीं चाहता। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पटाखा बनाने का काम अभी भी चल रहा है। यहां तो पटाखों की बिक्री में भी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों भी हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
जिले में हर साल दिवाली पर पटाखों के चलते हादसे होते हैं। जिसकी एक झलक शुक्रवार को कुसाड़ी गांव में देखने को मिली, जहां एक दुकान में विस्फोट हो गया। अभी तक विशेषज्ञों का यहीं मानना है कि विस्फोट में पटाखों वाला बारूद था। इसके अलावा वाहनों से पटाखों के आवागमन को लेकर भी लोग दुर्घटना के शिकार हुए है। पिछले दिनों आगरा में पटाखे ले जाने के दौरान हुए ब्लास्ट में दो युवकों की मौत हो गई थी। मगर जिले में अब तक पटाखों के परिवहन को लेकर प्रबंध या शिकंजा कसा नहीं गया है।
आलम यह है कि लोग खुलेआम वाहनों पर बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के पटाखों को लाते और ले जाते हैं। इसके साथ ही पटाखा कारोबारी भी खुले वाहनों से पटाखों की सप्लाई करते हैं। पटाखा कंपनियों से जिले में आने वाला माल भी बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के जिले में आता है। ऐसे में परिवहन के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों से गुरेज नहीं किया जा सकता है।
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ये हैं जनता के लिए मानक
- एक बार में 10 किलो से अधिक आतिशबाजी का परिवहन नहीं किया जा सकता।
- पूर्ण सुरक्षा प्रबंध के साथ ही आतिशबाजी का प्रबंध हो सकता है।
- आतिशबाजी को ठीक तरीके से पैक करके ही भेजा जाता है।
- बिना लाइसेंस वाहन पर आतिशबाजी ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित हैै।
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व्यापारियों के लिए मानक
- व्यापारी एक बार में 100 किलो से ज्यादा आतिशबाजी को नहीं भेज सकता।
- आतिशबाजी लेकर जाने वाले वाहन में अग्निशमन यंत्र और समेत तमाम सुरक्षा बंदोबस्त होने चाहिए।
- वाहन की जांच पड़ताल अग्निशमन विभाग द्वारा किए जाने के बाद भी अनुमति दी जाती है।
- बिना लाइसेंस वाहन पर आतिशबाजी ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित हैै।
- आतिशबाजी को पैक करते समय बॉक्स के ऊपर विशेष तरीके से बंदोबस्त किया जाता है।
- वाहन के चालक और परिचालक के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जानी चाहिए।
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इनका कहना है
वाहन पर खुलेआम आतिशबाजी लेकर जाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस पर नजर रखी जा रही है। वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
संजय कुमार, एएसपी
पटाखों की सुरक्षित बिक्री और परिवहन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। थोक विक्रेताओं पर भी नजर रखी जा रही है। लापरवाही किसी भी स्तर पर न हो। इसको लेकर निर्देशित किया गया है।
महेन्द्र सिंह तंवर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा एसडीएम सदर