कासगंज। तीर्थनगरी सोरों के डीपीआर की अंतिम समीक्षा का कार्य चल रहा है। शुक्रवार को आर्किटेक्ट की टीम डीपीआर पर अपना प्रजेंटेशन देगी। पूर्व के प्रजेंटेशन के बाद डीपीआर में सौंदर्यीकरण व विकास से जुड़ी कार्य योजनाओं में परिवर्तन की सहमति बनी थी।
तीर्थनगरी को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में पूर्व में 72 करोड़ का डीपीआर तैयार किया गया था। अब यह डीपीआर 90 करोड़ के आस पास जा पहुंचा है। डीपीआर में तीर्थनगरी की हरि की पौड़ी के विकास के अलावा पौराणिक मंदिरों, मठों, परिक्रमा मार्ग की पुराने स्ट्रक्चर के साथ सुंदरीकरण की रूपरेखा तैयार की गई है। वहीं तीर्थनगरी में ऑडिटोरियम का निर्माण होगा।
जिसे डीपीआर में शामिल किया गया है। इसके अलावा तीर्थनगरी के पार्कों का सुंदरीकरण होगा, पर्यटकों के लिए विश्राम गृह भी बनेंगे। डीपीआर की तैयारी अंतिम चरण की ओर चल रही है। वहीं लोग अब शासन की अधिसूचना का भी इंतजार कर रहे हैं कि कब तीर्थनगरी सोरों की अधिसूचना कब जारी होगी।
आर्किटेक्ट अब्दुल रऊफ ने बताया कि डीपीआर तैयार हो चुका है आज जिलाधिकारी के समक्ष प्रजेंटेशन दिया जाएगा। यदि कोईं संशोधन की स्थिति बनी तो संशोधित किया जाएगा। अन्यथा तैयार डीपीआर ही स्वीकृत हो जाएगा। अपर जिलाधिकारी योगेेंद्र कुमार ने बताया कि तीर्थनगरी के विकास का डीपीआर तैयार हो चुका है। अब डीपीआर की लागत करीब 90 करोड़ पर पहुंच गई है। समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।