कैप्शन-बांके बिहारी मंदिर कार्यालय में देश विदेश से आईं राखियां।
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कैप्शन-राखियां दिखाते सेवायत।
देश-विदेश से राखियां पहुंचीं ठाकुरजी के दर पर
बहनों ने राखी के साथ प्रेम और श्रद्धा भरे संदेश भी भेज
अमर उजाला ब्यूरो
वृंदावन (मथुरा)। भाई-बहन के अटूट संबंधों का त्योहार रक्षाबंधन पर्व का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। धर्म और जाति के बंधनों से परे इस बंधन को निभाने के दस्तूर भी निराले हैं। वृंदावन में यह पर्व और भी पवित्र और अध्यात्मिक हो जाता है। जिन बहनों के लौकिक भाई नहीं हैं वह अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज से भाई-बहन के पवित्र संबंध को जोड़ रही हैं।
आस्ट्रेलिया के सिडनी निवासी पूनम भटनागर ने ठाकुर बांकेबिहारी को भाई मानते राखियां भेजी हैं। सेवायत प्रह्लाद वल्लभ ने बताया कि भारी संख्या में ऐसी बहनों ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को अपना भाई मानते हुए रक्षा के बंधन से बांध लिया है और राखी भेजकर बांकेबिहारी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की है।
उन्होंने बताया कि शिमला की सरला, फरीदाबाद से सुमन शर्मा के साथ ही कोलकाता की सरिता मंडल, अहमदाबाद से राधा देवी सहित सैकड़ों बहनों ने ठाकुरजी को अपनी राखियों के साथ संदेश भी भेजे हैं। संदेश और रखियां सेवायतों के माध्यम से ठाकुर बांकेबिहारी के श्री चरणों में अर्पित की जाएंगी।